Wednesday, December 8, 2021

रूसी S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से भारतीय आकाश हुआ अभेद्य, तैनाती की ऐसी तैयारी

Must read

- Advertisement -

दिल्ली। भारत जल्द ही रूस से S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का रक्षा कवच प्राप्त कर लेगा। रूस ने इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को भारत पहुंचाना शुरू कर दिया है। S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम सैकड़ों किमी दूर से दुश्मन की मिसाइल को पलभर में ही हवा में ध्वस्त कर सकता है। इस मिसाइल सिस्टम के पार्ट भारत में आने शुरू हो गए हैं। फेडरल सर्विस फॉर मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन के डायरेक्टर दिमित्री शुगेव ने दुबई एयर शो में कहा कि रूस ने भारत को S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति शुरू कर दी है। रूसी सरकार का मुख्य रक्षा निर्यात नियंत्रण संगठन है। इंडियन डिफेंस इंटस्ट्री के सूत्रों ने कहा कि एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के पार्ट भारत पहुंचने लगे हैं। उन्हें पहले पश्चिम सीमा के करीब किसी एक स्थान पर तैनात किया जाएगा। ज्ञात हो कि ये ही वो इलाका होगा जहां से पाकिस्तान के साथ लगने वालीं पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं के दोनों हिस्सों के खतरों सो निपटा जा सकता है। सम्भावित खतरे पर नजर रखी जा सकेगी।

पहले यहां होगी तैनाती

- Advertisement -

भारतीय रक्षा उद्योग के सूत्रों ने कहा कि वायु रक्षा प्रणाली सम्भावित खतरे वाले क्षेत्र में लगाये जाएंगे जिससे दुश्मन पर नजर रखी जा सके। इस एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भारत और रूस के बीच लगभग 35000 करोड़ रुपए का सौदा हुआ है। सौदे के तहत 400 किलोमीटर के हवाई रेंज से निपटने के लिए भारत को पांच स्क्वाड्रान मिलेंगे। इस साल के अंत तक पहली स्क्वाड्रन की डिलीवरी पूरी होने की उम्मीद है। एयर डिफेंस सिस्टम से भारतीय हवाई सीमा अभेद्य हो जाएगी।

समुद्री और हवाई दोनों मार्गों से भारत लाया जा रहा

एयर डिफेंस सिस्टम को समुद्री और हवाई दोनों मार्गों से भारत लाया जा रहा है। देश में पहले स्क्वाड्रान की तैनाती के बाद वायुसेना देश के भीतर अपने कर्मियों की ट्रेनिंग के लिए संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ इसकी तैनाती को लेकर पूर्वी सीमाओं पर भी ध्यान देना शुरू कर देगी। भारतीय वायु सेना के कुछ अधिकारी और कर्मी S-400 को ऑपरेट करने के लिए रूस में ट्रेनिंग भी ली है। यह प्रशिक्षण और मजबूत बनायेगा।

चार अलग-अलग मिसाइलों से है लैस

रूस का S-400 मिसाइल सिस्टम चार अलग-अलग मिसाइलों से लैस है जो दुश्मन के विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और अवाक्स विमानों को क्रमशः 400 किलोमीटर, 250 किलोमीटर, 120 किलोमीटर और 40 किलोमीटर दूर से ध्वस्त कर सकती है। बताया जा रहा है कि रूस के साथ इस सौदे को लेकर बारगेनिंग करते हुए भारत लगभग एक अरब डॉलर कम करने में कामयाब रहा।

यह भी पढ़ेंः-चीन के गतिरोध के बीच वायुसेना प्रमुख पहुंचे लद्दाख, ARMY की तैयारियों का लिया जायजा

- Advertisement -

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article