इसे कहते हैं भारतीय सेना, विवाद छोड़ पेश की मानवता की मिसाल, बचाई 3 चीनी नागरिकों की जान

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IndianArmy extends help and Medical assistance to stranded Chinese citizens

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ दिनों से तनाव चल रहा है. इस कारण दोनों देशों के संबंध भी काफी खराब हो चुके हैं. चीन लगातार वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिशों में लगा हुआ है. लेकिन भारतीय सेना चीन की हरकतों को नजरअंदाज करते हुए इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है. जी हां, आपने संस्कृत की एक प्रख्यात कहावत सुनी होगी, अतिथि देवो भव:, भारत में हर मेहमान का भगवान की तरह स्वागत किया जाता है फिर चाहे वो दुश्मन ही क्यों ना हो. सीमा पर चीन जहां भारतीय सैनिकों से जंग की फिराक में हैं तो भारतीय सेना चीनी सैनिकों की मदद करने में जुटे हुए हैं. पूरा मामला उत्तर सिक्कम का है.

भारतीय सैनिकों की दरियादिली
दरअसल, उत्तर सिक्कम में खराब मौसम की वजह से चीन के तीन नागरिक रास्ता भटक गए थे. ऐसे में भारतीय सेना उनके लिए देवदूत बनकर पहुंची और रेस्क्यू कर इलाज कराने के बाद वापस चीन की तरफ भेज दिया. सेना की मानें तो, चीन के तीन नागरिक एक महिला और दो पुरुष नॉर्थ सिक्किम के प्लाटू इलाके में 3 सितंबर को रास्ता भटक गए थे. बर्फ के बीच में रास्ता भटकने की वजह से भारतीय सेना ने उनको सही मार्ग दिखाने का फैसला किया और नागरिकों को खाना, पानी, ऑक्सीजन, गर्म कपड़े और दवाईयां दी. जब उनकी हालत स्थिर हुई तो सेना ने उन्हें सही रास्ते की तरफ भेज दिया. चीनी नागरिकों की मदद के बाद सेना ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा- मानवता सर्वोपरि. जिसका मतलब है कि, वह सिद्धांत या विचारधारा जिसमें मानव हित को सर्वोपरि माना जाता है.

सेना का चीन को जवाब
हैरानी वाली बात है कि, जो भारतीय सेना हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहती है. फिर चाहे वो दुश्मन देश ही क्यों न हो. उसी सेना के साथ ऐसा सलूक किया जाता है. सीमा पर चीन लगातार नापाक हरकतों को अंजाम देने की कोशिशों में लगा हुआ है. शुक्रवार को जानकारी मिली थी कि, चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के 5 लोगों को उस वक्त अगवा कर लिया था जब वह जंगल में शिकार के लिए गए थे. दरअसल, दोनों देशों के बीच 3488 किलोमीटर की सीमा की शुरुआत उत्तर पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से होती है. लेकिन चीनी सैनिकों की हरकतों का जवाब भारत के जाबांज जवानों ने 3 नागरिकों की जान बचाकर दिया है.

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