भारतीय आर्मी ने पेश की मानवता की नई मिसाल, 48 साल पहले मरे हुए पाकिस्तानी सेना को दिया खास सम्मान

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Indian Army

भारतीय सेना (Indian Army) हमेशा से ही अपनी दरियादिली और पक्के इरादों के लिए चर्चाओं में रही है. वो चाहे दोस्ती के मामले में हो या फिर दुश्मनी के मामले में, लेकिन कभी पीछे से भारतीय जवानों ने वार नहीं किया. साथ ही इंडियन आर्मी हर देश की सेना को वही सम्मान देती है, जो भारत में जवानों को दिया जाता है. इसका जीता-जागता उदाहरण हाल ही में आई खबर है. जी हां पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) भारत (India) को नीचा दिखाने के लिए एक भी मौका नहीं छोड़ता है. लेकिन भारतीय जवान अपने अंदाज से लोगों का दिल जीत ही लेते हैं. इसी बीच सेना ने मानवता की नई मिसाल पेश की है.

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हाल ही में भारतीय सेना (Indian Army) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के नौगाम सेक्टर में एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के कब्र की मरम्मत की है. जिसकी एक तस्वीर श्रीनगर की चिनार कमान (Chinar Corps) ने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर किया है. इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है कि, ‘सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शबीर खान की याद में, जिनकी मृत्यु 5 मई 1972 को हिजरी संवत 1630 में नौ सिख की जवाबी कार्रवाई में हुआ.’

इस बारे में भारतीय सेना का कहना है कि, शहीद चाहे जिस भी देश का क्यों न हो लेकिन मौत के बाद सम्मान और आदर मिलना उसका हक है. यही वजह है कि भारतीय सेना पूरे यकीन के साथ खड़ी है. इसके साथ ये भी कहा कि, इंडियन आर्मी की ओर से ये संदेश पूरी दुनिया के लिए है. इस कब्र की तस्वीर को साझा करते हुए चीनार कमान ने लिखा है कि, ‘भारतीय सेना की परंपराओं और प्रकृति का ख्याल रखते हुए चिनार कोर ने पाकिस्तान सेना के सितार-ए-जुर्रत मेजर मोहम्मद शब्बीर खान की डैमेज कब्र को फिर से सही कर दिया है. जिन्हें 5 नवंबर, 1972 को नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक सैन्य कार्रवाई में मारा गया था.’

इसके साथ ही चिनार कॉर्प्स ने ये भी लिखा है कि, ‘एक मृत जवान, जिस भी देश से ताल्लुक रखता हो, वो सम्मान का हकदार है, और भारतीय जवान (Indian soldier) इस यकीन का सम्मान करती है. साथ ही दुनिया के लिए ये भारतीय सेना की तरफ से नया संदेश है.’

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