फिर टेके ड्रैगन ने भारतीय सेना के आगे घुटने..नहीं तो 1 महीने पहले ही उठाने वाला था ये घातक कदम

129

भारत और चीन के बीच लगातार बढ़ रहा तनाव अब यकीनन चिंताजनक बन चुका है। इस तनाव पर अंकुश लगाने की दिशा में विभिन्न प्रकार के कदम उठाएं जा रहे हैं। मगर अभी-भी सीमा पर हालात जस के तस बने हुए हैं। दोनों देशों की तरफ से सीमा पर सैन्य टुकड़ियों की तैनाती अच्छी खासी संख्या में देखी जा रही है। अब ऐसी स्थिति में इसका अंजाम क्या निकलता है। इस पर तो फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। मगर अभी हाल ही में खबर है कि चीनी पोत भारतीय जल सीमा पर दस्तक चुके थे। वे हिंद महासागर तक पहुंच चुके थे। लेकिन भारतीय नौसेना की अनवरत जारी निगरानी के आगे घुटने तक टेकते हुए वे वहां से रवाना हो गए।

बताया जा रहा है कि वो भारतीय जल सीमा पर भारतीय नौसेना की टोह लेने आए थे। ड्रैगन अपने अनुसंधान पोत का सहारा लेकर भारतीय नौसेना की हर गतिविधि पर नजर रखना चाहता है। सरकारी सूत्रों ने इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि चीनी विमानवाहक पोत ने मलक्का की खाड़ी से होते हुए हिंद महासागर तक प्रवेश किया था। मगर अंत में भारतीय नौसेना की सख्त के निगरानी के आगे घुटने टेकते हुए वे वहां से रवाना हो गए। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि चीनी विमानवाहक पोत भारत से संवेदनशील जानकारी जुटाने हेतु हमारे जल सीमा पर दस्तक देते हैं। लेकिन हर मर्तबा नतीज वही निकलकर सामने आता है, जो इस मर्तबा आया है।

उधर, इस पूरे मसले को कानूनी आईने से देखे तो भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी देश को इजाजत नहीं देता है। इससे पहले गत माह दिसंबर में भी संसाधान पोत शी यान-1 भारतीय जल क्षेत्र अंडमान निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर के पास शोध की गतिविधियों अंजाम देने तक पहुंचाया था। गौरतलब है कि जब से मौजूदा समय में भारत और चीन के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंचा है, तब से चीन की उक्त गतिविधियां अपने परवान पर पहुंच चुकी है। ये भी पढ़े :भारत चीन के बीच अब और बढ़ सकता है तनाव! लद्दाख के एक और इलाके में चीनी सेना ने जमाया डेरा