आज और कल रहेगा भारत बंद , 10 प्वाइंट्स में जानें पूरा सार

आज और कल भारत बंद (Bharat Bandh) की घोषणा की गई है. इसमें बैंक यूनियन (Bank Unions) का नाम भी शामिल है. बंदी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों ने अपने-अपने लेवल पर हर तैयारी कर रखी है.

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केंद्र सरकार की नीतियों का अब विरोध किया जा रहा है. ऐसे में ट्रेड यूनियनों के जॉइंट फोरम ने सोमवार और मंगलवार मतलब कि आज और कल भारत बंद (Bharat Bandh) की घोषणा की गई है. इसमें बैंक यूनियन (Bank Unions) का नाम भी शामिल है. बंदी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों ने अपने-अपने लेवल पर हर तैयारी कर रखी है. आइए इस बंदी से जुड़ी 10 प्रमुख तथ्यों पर बात करते हैं…

ये रहे तथ्य

– सरकारी नीतियां जो कि श्रमिकों, किसानों और आम जनता को प्रभावित करने वाली है, उनके विरोध में ट्रेड यूनियनों के एक संयुक्त मंच द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बारे में शुरुआत की है. इस दौरान ज्यादातर कामकाज पर असर पड़ेगा.

– ऑल इंडियन ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा है कि उन्हें भारत बंद में 20 करोड़ से अधिक औपचारिक और अनौपचारिक कर्मचारियों की भागीदारी के साथ देने की उम्मीद है.

– इस भारत बंद का हिस्सा बैंक कर्मचारी भी होने वाले हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की सरकारी की योजना के साथ-साथ बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में बैंक यूनियन हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं.

– भारतीय स्टेट बैंक के साथ साथ कई सारी बैंकों ने बयान जारी कर ग्राहकों को सूचित किया है कि सोमवार और मंगलवार को बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी .

-बैंकों के साथ साथ, स्टील, तेल, दूरसंचार, कोयला, डाक, आयकर, तांबा और बीमा जैसे कई अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों के हड़ताल में भाग लेने की संभावना में है. इसके अलावा रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी यूनियन भी इस बंद के समर्थन में सड़कों पर उतर जाएगी . और तो और रोडवेज, परिवहन कर्मियों और बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होंगे.

– आज सभी सरकारी कंपनियों और अन्य एजेंसियों को पावर मिनिस्ट्री ने हाई अलर्ट पर रहने, चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति और राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने का आदेश दिया है. मंत्रालय की ओर से यह भी बताया गया है कि अस्पतालों, रक्षा और रेलवे जैसी आवश्यक सेवाओं की बिजली आपूर्ति की जानी चाहिए और किसी भी तरीके की स्थिति से निपटने के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाना चाहिए.

– पश्चिम बंगाल सरकार ने कर्मचारियों को सोमवार और मंगलवार को ड्यूटी पर आने के लिए कहा है. भारत बंद के बावजूद राज्य सरकार के सभी कार्यालय खुले रहेंगे.

– बंगाल सरकार ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि 28 और 29 मार्च को किसी भी कर्मचारी को कोई आकस्मिक अवकाश या आधे दिन की छुट्टी नहीं दी जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है, तो इसे आदेश का उल्लंघन माना जाएगा और इसका साधी प्रभाव उसके वेतन पर भी पड़ेगा.

– भारतीय मजदूर संघ ने ऐलान किया है कि वे इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे. संघ ने कहा कि भारत बंद राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य चुनिंदा राजनीतिक दलों के एजेंडे को आगे बढ़ाना है.

– देशव्यापी हड़ताल को अखिल भारतीय असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस ने समर्थन दिया है. उसकी ओर से बताया गया है कि कांग्रेस लीडर राहुल गांधी बंद में शामिल वर्गों की मांगों के पक्ष में अपनी बात रखते रहे हैं.

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