Sunday, January 24, 2021
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बाइक सवार के लिए बदले जरूरी नियम, अब ऐसे करनी होगी सवारी, वरना लगेगा भारी जुर्माना

देशभर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अब तक ट्रैफिक नियमों में कई तरह के बदलाव किए गए है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय लगातार नए नियम लेकर आ रहा है। जिसमें लोगों की सेफ्टी को तवज्जों दी जा रही है लेकिन अब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए गाड़ियों की बनावट और उसमें मिलने वाली सुविधाओं में कुछ बदलाव करने का फैसला किया है। इस दौरान सरकार ने कई नए नियम भी बनाए है और पुराने नियमों में बदलाव भी किया है। दरअसल मंत्रालय ने अपनी नई गाइडलाइंस बाइक की सवारी करने वाले लोगों के लिए जारी की है। इस गाइडलाइन में बताया गया है कि बाइक ड्राइवर के पीछे की सीट पर बैठने वाले लोगों को किन नियमों को फॉलो करना है। जानिए क्या हैं नए नियमों के बारे में।

1. ड्राइवर की सीट के पीछे हैंड होल्ड
मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार, बाइक के पीछे की सीट पर बैठने वाले की सेफ्टी के लिए दोनों तरफ हैंड होल्ड अब से जरूरी है। बाइक ड्राइवर के अचानक ब्रेक मारने की स्थिति में हैंड होल्ड काफी मददगार साबित होता है। हालांकि अब तक ज्यादातर बाइक में हैंड होल्ड की सुविधा नहीं होती। लेकिन अब से इसे लगाना जरूरी है। इसके साथ ही बाइक के पीछे बेठने वाले के लिए दोनों तरफ पायदान अनिवार्य होगा। इसके अलावा बाइक के पीछे के पहिए के बाएं हिस्से का कम से कम आधा हिस्सा सुरक्षित तरीके से कवर होगा। ताकि पीछे बैठने वालों के कपड़े पिछले पहिए में नहीं उलझे।

2. हल्का कंटेनर लगाने के भी दिशानिर्देश
मंत्रालय ने बाइक में हल्का कंटेनर लगाने के लिए भी दिशानिर्देश जारिए किए है। इस दौरान मंत्रालय की तरफ से कंटेनर का साइज भी बताया गया है। जिसमें कहा गया है कि कंटेनर की लंबाई 550 मिमी, चौड़ाई 510 मिली और ऊंचाई मिमी से अधिक नहीं होगा। अगर कंटेनर बाइक के पिछले हिस्से पर लगाया गया है तो सिर्फ ड्राइवर को ही बाइक की सवारी कर सकता है। इसके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति बाइक पर सवार नहीं हो सकता। लेकिन, अगर पिछली सवारी के स्थान के पीछे कंटेनर लगा होता है तो दूसरा व्यक्ति भी बाइक पर बैठ सकता है।

3. टायर को लेकर भी नई गाइडलाइन
सरकार ने इस बार टायर को लेकर भी कई नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियम के मुताबिक, 3.5 टन वजन तक के वाहनों के लिए टायर प्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम का सुझाव दिया गया है। इस सिस्टम में ड्राइवर को एक सेंसर की सुविधा दी जाएगी। जिसमें ड्राइवर को जानकारी मिलेगी कि गाड़ी के टायर में हवा की क्या स्थिति है। इसके साथ ही मंत्रालय ने टायर मरम्मत किट की भी अनुशंसा की है। इस नए नियम के साथ गाड़ी में एक्स्ट्रा टायर की जरूरत नहीं होगी।

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