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OMICRON की भयावह आहट, तीसरी लहर में रोजाना आ सकते हैं 2 लाख संक्रमित

दिल्ली। कोरोना के सबसे तेज संक्रामक वैरिएंट OMICRON के मामले भारत में वीभत्स रूप में बढ़ने लगे हैं। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बढ़ गयी है। OMICRON का सबसे पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। दक्षिण अफ्रीका के बाद ओमिक्रॉन वैरिएंट लगभग 100 देशों में फैल चुका है। यूरोपियन देशों में कोरोना के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई। भारत में अब तक OMICRON के 236 मामले मिल चुके हैं। केंद्र ने राज्यों को आगाह करते हुए कहा है कि डेल्टा की तुलना में OMICRON लगभग तीन गुना अधिक तेजी से फैलता है। OMICRON की संक्रामकता देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में है। कुछ राज्यों में सख्ती लगानी भी शुरू हो गई है। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी देश में तीसरी लहर आने की आशंका जता रहे हैं।

Covid-19

नेशनल कोविड -19 सुपरमॉडल कमेटी के सदस्य विद्यासागर ने का कहना है कि भारत में अगले साल की शुरुआत में तीसरी लहर आ सकती है। लोगों में बड़े पैमाने पर इम्यूनिटी होने की वजह से दूसरी लहर की तुलना में ये हल्की होगी। तीसरी लहर निश्चित रूप से आएगी। अप्रैल-मई में दूसरी लहर में आए मामलों की तुलना में इसकी संख्या कम रहेगी। सरकार ने 1 मार्च से ही भारत में का वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था। डेल्टा वैरिएंट के आने का समय यही था। उस समय फ्रंटलाइन वर्कर्स को छोड़कर और किसी को वैक्सीन नहीं लगी थी। यही वजह है कि डेल्टा ने इतनी बड़ी आबादी को चपेट में ले लिया।

विद्यासागर ने कहा कि अब देश में 75-80 फीसदी की सीरो-प्रेवलेंस है। 85 फीसदी लोगों को पहली डोज और 55 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है जो महामारी से 95 फीसदी तक बचाव करता है। उन्होंने बताया कि इसलिए तीसरी लहर में मामले उतने ज्यादा सामने नहीं आएंगे जितने कि दूसरी लहर में थे। दूसरी लहर के अनुभव से हमने अपनी क्षमता भी बनाई है, इसलिए हम बिना किसी कठिनाई के इसका सामना करने में सक्षम हैं।

सबसे खराब हालत हुई तो रोजाना आ सकते हैं 2 लाख संक्रमित

हैदराबाद में आईआईटी प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा कि मामलों की संख्या दो बातों पर निर्भर करेगी। पहला कि डेल्टा से मिली नेचुरल इम्यूनिटी को OMICRON कितना दरकिनार करता है। दूसरा वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी को ये किस हद तक चकमा दे सकता है। अभी इन दोनों बातों के बारे में पूरी जानकारी नहीं उपलब्ध है। विद्यासागर के अनुसार अगर देश में तीसरी लहर आती है तो सबसे खराब स्थिति में, भारत में प्रति दिन दो लाख से अधिक मामले नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ये महज अनुमान है, भविष्यवाणी नहीं। प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा कि OMICRON पर हम अनुमान लगाना तब शुरू कर सकते हैं, जब एक बार जब ये जान जाएं कि वायरस भारतीय आबादी में कैसे व्यवहार कर रहा है। सबसे खराब परिदृश्य में, नैचुरल या वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी कम होने पर मामलों की संख्या हर दिन 1.7 से 1.8 लाख से नीचे ही रहेगी। यह दूसरी लहर की पीक के आधे से भी कम है।

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