नई दिल्ली। संसद में पेगासस जासूसी कांड के मुद्दे पर हुए हंगामे की वजह से संसद का मानसून सत्र दो सप्‍ताह से काफी प्रभावित हुआ है। सरकार इस सत्र को समय से पहले ही खत्‍म करने पर भी विचार कर रही है। जासूसी कांड को लेकर विपक्ष की आक्रामकता को देखते हुए टकराव का हल निकलने की उम्मीद कमजोर पड़ने लगी है। इसे देखते हुए सत्र को जल्द समाप्त किए जाने की आशंका से सत्तापक्ष के रणनीतिकार इन्कार नहीं कर रहे हैं। सत्तापक्ष जासूसी कांड पर दोनों सदनों में संग्राम को विपक्ष का राजनीतिक एजेंडा बताते हुए इस पर बहस को जरूरी नहीं मान रहा है। उसका कहना है कि सत्र में जनता से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार बहस से भाग रही है। विपक्ष ने कहा है कि वो सरकार के इस प्रस्‍ताव पुरजोर विरोध करेगी। इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार दोनों ही आमने सामने हैं। दोंनों ही सदनों में इस मुद्दे पर घमासान मचा हुआ है।

विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही आज फिर दो बार स्थगित की गयी। कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि कांग्रेस पेगासस जासूस कांड पर बहस चाहती है। इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है। ये केवल देशहित में नहीं बल्कि पूरी दुनिया के हित है। इसके अलावा कांग्रेस महंगाई, किसानों के मुद्दे पर भी सदन में बहस चाहती है। पेगासस का मुद्दा केवल भारत से ही संबंधित नहीं है बल्कि इजरायल, फ्रांस और हंगरी से भी सम्बन्धित है। वहीं राज्‍य सभा की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले बेडमिंटन में कांस्‍य जीतने के लिए पीवी सिंधु को बधाई दी गई। समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्‍चन ने महिला हॉकी टीम को ओ‍लंपिक में प्रदर्शन के लिए बधाई दी है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई है कि इस बार ये टीम गोल्‍ड जीतेगी।

कांग्रेस के सांसद ने मनीष तिवारी ने पेगासस जासूसी कांड पर चर्चा के लिए सदन में नोटिस दिया है। तिवारी ने कहा कि ये एक महत्‍वपूर्ण विषय है जिस पर चर्चा जरूरी है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने इसका उपयोग पत्रकारों, सिविल सोसायटी एक्टिविस्‍ट, राजनेताओं और उच्चतम न्यायालय के जजों की जासूसी के लिए किया है। इसी तरह का एक और नोटिस कांग्रेस के ही सांसद मनिकम टैगोर ने भी लोकसभा में दिया है। उन्‍होंने मांग की है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में बहस की जानी चाहिए। राज्‍यसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सीपीआईएम के सांसद इलमराम करीब ने नोटिस दिया है। उन्‍होंने इस संबंध में नियम 267 का हवाला देते हुए कहा है कि पेगासस पर चर्चा की जानी चाहिए।

पेगासस जासूसी कांड के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष की रणनीति को लेकर सभी विपक्षी पार्टियों की एक बैठक भी हुई है। इसमें इस बारे में विचार विमर्श किया गया है। कांग्रेसी सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि ये सरकार के हाथ में है कि वो सदन को चलने देना चाहती है या नहीं। सरकार पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है। यदि पेगासस पर चर्चा होती है तो उसकी छवि खराब हो जाएगी। वो केवल इस पर बहस के लिए कह ही रही है, लेकिन इससे भाग रही है। वो केवल ऐसे ही सदन को चलाना चाहती है।

गौरतलब है कि सरकार इस दौरान आठ विधेयकों को बिना चर्चा के पारित करा चुकी है। इनमें से पांच लोकसभा में और तीन राज्‍यसभा में पास करवाए गए हैं। वहीं सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने की तरफ कदम भी आगे बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस प्रवक्‍ता का कहना है कि यदि सरकार पेगासस पर चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो उसी वक्‍त गतिरोध भी खत्‍म हो जाएगा। सरकार को इस सम्बन्धत में केवल विपक्ष के दो सवालों का ही जवाब देना है।

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