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मोदी की रैली का किसानों ने किया विरोध, गुरदासपुर नेशनल हाईवे जाम, सीएम चन्नी पर हमलावर हुए नड्डा

  • जब तक किसानों की मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक बीजेपी की रैलियों का विरोध होगा

फिरोजपुर /नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब के फिरोजपुर में होने वाली रैली रद हो गयी है। किसानों ने पीएम मोदी के काफिले के रास्ते में विरोध किया। किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने गुरदासपुर नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। बब्बरी मोड़ पर मौजूद किसानों ने कहा कि जब तक किसानों की मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक भारतीय जनता पार्टी की रैलियों का विरोध होता रहेगा। किसानों ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका जाएगा। कृषि कानून रद होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला पंजाब दौरा था। कृषि कानूनों की वापसी के बाद भी पंजाब के किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है।
पीएम मोदी की रैली को देखते हुए किसानों ने फिरोजपुर में भी विरोध की तैयारी थी। मंगलवार रात को किसान नेताओं की केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के साथ बैठक हुई जिसमें फैसला हुआ कि 15 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों से मिलेंगे। इसके अलावा जनवरी से पहले एमएसपी पर कानूनी गारंटी वाली कमेटी बना दी जाएगी।

किसानों को भरोसा दिया गया कि आंदोलन के दौरान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए केस 31 जनवरी तक वापस ले लिए जाएंगे। फिरोजपुर में भाजपा के पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र शेखावत के साथ किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य प्रधान सतनाम सिंह पन्नू की मीटिंग हुई जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

सीएम चन्नी पर जेपी नड्डा ने लगाया आरोप

पंजाब में पीएम मोदी का काफिला रोके जाने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नड्डा ने दावा किया है कि जब पीएम मोदी का काफिला फंसा था तो सीएम चन्नी ने फोन पर बात करने की कोशिश की गयी। उन्होंने मुद्दे को सुलझाने से इनकार कर दिया। जेपी नड्डा ने कहा कि पंजाब में आने वाले चुनाव में वोटरों के हाथों करारी हार के डर से कांग्रेस सरकार ने पीएम के कार्यक्रम को रद करने का हर संभव हथकंडा आजमा रही है। उन्होंने कहा कि अपनी घटिया हरकतों से पंजाब की कांग्रेस सरकार ने दिखा दिया है कि वे विकास विरोधी हैं और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए भी उनके मन में कोई सम्मान नहीं है।

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि यह घटना पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक थी। पंजाब के प्रमुख सचिव और डीजीपी से एसपीजी को कहा गया था कि पीएम मोदी का रूट साफ है, इसके बावजूद वहां प्रदर्शनकारियों को जाने दिया गया। नड्डा ने कहा कि लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने के लिए राज्य पुलिस को निर्देश दिया गया था। पुलिस की मनमानी और प्रदर्शनकारियों की मिलीभगत की वजह से रैली में आने वाली बड़ी संख्या में बसें भी फंस गईं।

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