Friday, December 3, 2021

तत्काल वापस नहीं होगा किसान आंदोलन, संयुक्त किसान मोर्चा इन मुद्दों पर करेगा बैठक

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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के निर्णय का स्वागत किया है। किसान मोर्चा ने कहा कि उचित संसदीय प्रक्रियाओं के माध्यम से घोषणा के प्रभावी होने की प्रतीक्षा करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को यह भी याद दिलाया कि किसानों का आंदोलन न केवल तीन काले कानूनों को निरस्त करने के खिलाफ है, बल्कि सभी कृषि उत्पादों और सभी किसानों के लिए लाभकारी मूल्य की वैधानिक गारंटी के लिए भी है। किसानों की यह अहम मांग अभी बाकी है। संयुक्त किसान मोर्चा सभी घटनाक्रमों पर ध्यान देगा, जल्द ही अपनी बैठक करेगा और आगे के निर्णयों की घोषणा करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने माना है कि पीएम मोदी ने सिर्फ तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा किया है। लाभकारी मूल्य दिलाने की घोषणा बाकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को अपने 11वें संबोधन के दौरान तीन कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा की है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीनों कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी बनाने और बिजली अमेंडमेंट समेत अन्य मुद्दों पर अभी बात होनी बाकी है। अभी इन मुद्दों का निर्णय बाकी है।

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आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा : राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा कि फिलहाल संयुक्त मोर्चा प्रधानमंत्री की घोषणा को लेकर बातचीत कर रहा है, आगे की रणनीति जल्द बताई जाएगी। राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा। हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद किया जाएगा। सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे। सरकार ने अभी आधी पहल की है। शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि संसद के सत्र में इन कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। पीएम मोदी कहा कि मेरी अपील है किसान खेतों में वापस लौट जाएं, हम तीनों कृषि कानून बिल वापस ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश वासियों के क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। आज गुरू नानक जी का पवित्र प्रकाश पर्व है। आज मैं आपको यह बताने आया हूं, कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरी किसानों से अपील है कि अपने घर लौटें, खेतों में लौटें।

फसल बीमा योजना को बनाया प्रभावी

पीएम मोदी ने कहा कि हमने फसल बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाया, उसके दायरे में ज्यादा किसानों को लाए। किसानों को ज्यादा मुआवजा मिल सके, इसके लिए पुराने नियम बदले। इस कारण बीते चार सालों में एक लाख करोड़ से ज्यादा का मुआवजा किसान भाइयों के मिला है। किसानों को उनकी उपज के बदले सही कदम मिले इसके लिए कदम उठाए गए। हमने एमएसपी बढ़ाई साथ ही साथ रिकॉर्ड सरकारी केंद्र भी बनाए। हमारी सरकार के द्वारा की गई खरीद ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। हमने किसानों को कहीं पर भी अपनी उपज बेचने का प्लेटफॉर्म दिया। पीएम मोदी की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा बैठक कर आगे के समाधान का रास्ता निकालेगा।

यह भी पढ़ेंः-सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है: प्रधानमंत्री मोदी

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