आक्सीजन संकट पर विशेषज्ञों का गुस्सा निकला, मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है, न्यायपालिका या कार्यपालिका?

दिल्ली। कोरोना के कोहराम के साथ आक्सीजन संकट ने ज्यादा तबाही मचायी है। शनिवार को दिल्ली के बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत हो गई थी। कर्नाटक कोविड अस्पताल में सोमवार को 22 मरीजों की मौत हो गई। पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी से लोग मर रहे हैं। आक्सीजन की कमी से अस्पतालों के साथ तीमारदार लाचार हैं। बत्रा अस्पताल में हुई मौतों को लेकर जब वहां मेडिकल डायरेक्टर एससीएल गुप्ता आक्सीजन की कमी से निराश हैं। उन्होंने लाचारी भरे शब्दों में कहा, नहीं पता यह देश कौन चला रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी है। मरीज मर रहे हैं क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है। कोरोना के खिलाफ ऑक्सीजन, ड्रग्स और टीकाकरण की आवश्यकता होती है। अस्पतातों में कुछ भी उपलब्ध नहीं है। मरीज मर रहे हैं मुझे नहीं पता कि यह देश कौन चला रहा है। न्यायपालिका या कार्यपालिका?

यह भी पढ़ेंः-कोरोना के कोहराम से हार गया यह शहर : अब श्मशान घाटों पर लगा हाउस फुल का बोर्ड, ऐसा है तबाही का मंजर

उन्होंने कहा कि पिछले 14 महीनों में सरकार क्या कर रही थी? किसी ने कुछ नहीं सीखा। आप वहां ऑक्सीजन भेज रहे हैं, लेकिन अच्छी तरह से संरचित अस्पतालों में नहीं है। हमें इसके लिए भीख नहीं मांगनी चाहिए। प्रत्येक 10-20 अस्पतालों के लिए एक नोडल अधिकारी होना चाहिए। आपातकालीन स्थिति में 15-20 मिनट के भीतर ऑक्सीजन उपलब्ध हो। निर्दोष जिंदगियां न खोई जाएं।

मेडिकल विषेशज्ञ अरूण सेठी ने कहा कि छोटे नर्सिंग होम और क्लीनिक का डाटा तैयार करना होगा। आवश्यक अस्पतालों की अपनी कैप्टिव ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग अपने दरवाजे पर ऑक्सीजन की आपूर्ति क्यों नहीं पा सकते हैं? अगर आपको जरूरत नहीं है तो अस्पताल क्यों जाएं?

यह भी पढ़ेंः-औषधियों के मर्मज्ञ लक्ष्मण दास स्वास्थ्य परिचर्चा में कोरोना से बचने की देंगे टिप्स, 7 मई को लोगों से शामिल होने की अपील

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,092,598FansLike
5,000FollowersFollow
5,023SubscribersSubscribe

Latest Articles