पाबंदियों के बीच दो महिला अफसरों का फैन बना हर कश्मीरी, ऐसे जीता लोगों का दिल

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यूपी। जब से धारा 370 को लागू किया गया है,तब से ही कश्मीर में तनाव भरा माहौल और लोग में देहशत देखने को नजर आ रहा है। मगर इसी बीच ऐसी दो महिलाएं हैं, जो लोगों के बीच जाकर शांति और अमन का संदेश दे रही हैं। इसके साथ ही लोगों की मदद भी कर रही हैं। दरअसल, हम जिन दो महिलाओं का बात कर रहे हैं, वो आईपीएस और आईएएस अफसर हैं। 2013 बैच की आईएएस अफसर डॉ. सईद सहरीश और 2016 बैच की आईपीएस अफसर पीके नित्य को श्रीनगर में तैनात किया गया था। इसे भी पढ़ें-धारा 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर को मिलेगा पहला उपराज्यपाल, ये दो नाम सबसे आगे।

बता दें कि ये दोनों महिलाएं लोगों को अपने से दूर बैठे रिश्तेदारों को आपस में संपर्क करवाने में मदद कर रही हैं। इतना ही नहीं लोगों को जरुरतनुसार दवाईयां और डॉक्टर भी उपल्बध करवा रहीं हैं। जिसके चलते ये लोगों में इस वक्त छाई हुई हैं। आपको बता दें कि इन दोनों अफसर महिलाओं में आईपीएस पीके नित्या को राम मुंशी बाग से लेकर, हरवन, दागची गांव तक की जिम्मेदारी दी गई है। ये वही क्षेत्र हैं, जहां हिरासत में लिए गए वीआईपी लोगों को रखा गया है।

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस 5 अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर धारा 144 लागू कर दिया गया था जिसके 4 दिन बाद से ही IAS डॉ. सईद सहरीश असगर को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर प्रशासन का सूचना निदेशक नियुक्त किया गया था। लेकिन बावजूद इसके ये दोनों महिलाएं परिस्थितियों को देखते हुए लोगों की मदद करने का काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें-जम्मू-कश्मीर के लिए मोदी की रणनीति, इस दांव से उड़ेंगे विरोधियों के होश

आपको बता दें कि वैसे तो भारत सरकार ने योजना के तहत लोगों को जानकारी के माध्य से जागरूक करने का काम दिया है। लेकिन बीते आठ दिनों से वो घाटी के लोगों की परेशानियों को सुनने का काम कर रही हैं।

सभी के साथ समाज की अन्य महिलाओं को भी ये जानकर गर्व होगा कि घाटी में यही दो महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें खासतौर पर घाटी के लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। और बाकि को महिला अफसर को लद्दाख में तैनात किया गया है। इसे भी पढ़ें-कश्मीरी लड़की ने किया मोदी सरकार के फैसले का समर्थन, बोलीं ‘जम्मू-कश्मीर का भविष्य अब उज्ज्वल है’

दरअसल,सईद सहरीश असगर का एक साल का बेटा है। उन्होंने MBBS की डिग्री ली है और बतौर डॉक्टर जम्मू में प्रैक्टिस कर चुकी हैं। बाद में प्रैक्टिस को बीच में छोड़कर UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। वहीं दूसरी ओर आईपीएस पी के नित्या 28 साल की हैं जो चंडीगढ़ की रहने वाली हैं। इस पद में नियुक्त होने से पहले वह छत्तीसगढ़ में एक सीमेंट कंपनी में मैनेजर के पद पर काम किया करती थी।

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