भारत विरोधी रूख के चलते अपने भी हुए पराए, अकेले पड़े ओली को मिल रहा महज चीन का साथ 

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कल तक भारत के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता निभाने वाले नेपाल ने भले ही भारत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हो, लेकिन अब मौजूदा समय में इसकी भारी कीमत वहां की सरकार चुकाने की स्थिति में नजर आ रही है। कभी भगवान राम के जन्म स्थान पर सवाल उठाकर तो कभी मोदी सरकार पर, सरकार गिराने जैसे आक्षेप लगाना अब केपी ओली के लिए महंगा साबित हो रहा है। आलम यह है कि उनके घर में ही उनका विरोध शुरू हो चुका है। उनके खुद के लोग ही उनके ख्याल से इत्तेफाक रखते हुए नजर नहीं आ रहे हैं, जो हालिया स्थिति में अभी हमें वहां के सियासी परिदृश्य में देखने को मिल रही है।

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ओली के इस रूख पर अब वहां के लोग मुखर होकर विरोध कर रहे हैं। ओली के हालिया बयान पर कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ने कहा कि ओली अभी हाल ही में कूटनीतिक मानकों के विपरीत जाकर तीन गलतियां कर चुके हैं। जैसा की गत माह ओली ने मोदी सरकार पर उनके प्रतिद्वदियों के साथ उनकी सरकार को गिराने जैसा आरोप लगाया था, जो कि पूरी तरह से बेबुनियदी और निराधार है। इसके बाद ओली यहीं नहीं थमे। उन्होंने तो अयोध्या के स्वार्णिम इतिहास को झठलाते हुए यहां तक कह दिया था कि असली अयोध्या भारत में नहीं बल्कि नेपाल में है और भगवान राम का जन्म दक्षिण नेपाल के थोरी जिले में हुआ है।

ओली के इन बयान को गलत करार देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल (सीपीएन) के प्रवक्ता और सेंट्रल सेक्रेटैरिएट के सदस्य नारायणकाजी श्रेष्ठ कहते हैं कि प्रधानमंत्री ओली ने कूटनीतिक मानकों के विपरीत जाकर बयान दिया है। साथ ही उन्होंने सीमा मुद्दों को वार्ता के जरिए सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ओली ने भारत के संदर्भ में तीन गलतियां की है, लेकिन, सरकार द्वारा नया नक्शा जारी कर काला पानी और अन्य क्षेत्रों पर किया गया तो सराहनीय था।

ओली को बचाने में जुटा चीन 

यहां पर हम आपको बताते चले कि अपने घर में विरोध का सामना कर रहे ओली को अब बचाने में चीन जुट चुका है। नेपाल में चीन की राजदूत हाओ यांकी ने ओली को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। हाओ लगातार ओली के विरोधी प्रचंड और कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के अन्‍य नेताओं पर समझौते के ल‍िए दबाव डाल रही हैं। ध्यान रहे कि नेपाल की मौजूदा सरकार का नजदिकीयां शुरू से ही चीन से रही, जिसके चलते जनित स्थिति हमें नेपाल में देखने को मिल रही है।

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