LAC पर भारत के पलटवार से कांपा ड्रैगन, अब चीन के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से करना चाहते हैं मुलाकात

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china Defense Minister rajnath singh

पूर्वी लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीन (China) ने एक नई इच्छा जाहिर की है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बीच चीन अपने शातिराना चालों को कामयाब करने की कोशिश में लगा हुआ है. जिसमें अभी तक उसे सिर्फ मुंह की ही खानी पड़ी है. इसी बीच अचानक से चीन के रक्षा मंत्री वे फेंग (Defense Minister We Feng) ने शुक्रवार को भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) से मुलाकात करने की इच्छा जताई है. दरअसल इस समय राजनाथ सिंह और फेंग मॉस्को में चल रही शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मीटिंग में ही उपस्थित हैं. गुरुवार को ही राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगु ने आपस में मुलाकात की थी. इस बारे में खुद राजनाथ सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए बताया था.

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चीनी मंत्री ने ये इच्छा उस समय में जाहिर की है जिस वक्त दोनों देशों की आर्मी एक-दूसरे का पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लगातार सामना कर रही हैं. कहने को तो दोनों ही देश यही चाहते हैं कि इस तनाव को बातचीत के जरिए सुलझाया जाए और इस सिलसिले में कई बार आपसी बातचीत हो भी चुकी है, लेकिन नतीजा ये कि अंत में चीन उकसाने का काम करने लगता है. जिसके बाद सीमा पर हालात बेकाबू हो जाते हैं. हमेशा से ही चीन पीठ पीछे छूरा घोपने का काम करता आया है, और ये बात किसी से छिपी नहीं है. फिलहाल मॉस्को में एससीओ की मीटिंग में राजनाथ सिंह की पहले से ही मौजूदगी है और 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी वहां के लिए रवाना होने वाले हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीनी रक्षा मंत्री वे फेंग चीन के सेंट्रल मिलिटरी कमीशन के चार सदस्यों की लिस्ट में शामिल हैं. उनकी पोजिशन चीन के लिए काफी अहम है. इस पूरे कमीशन का नेतृत्व राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुवाई में किया जाता है. फिलहाल एससीओ में जो बैठकें की जा रही हैं उनके पीछे का मेन कारण आतंकियों से जुड़े मसले को सुलझाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करना है. SCO में भारत के साथ चीन, रूस, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सदस्य देश शामिल हैं.

आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख में मई से ही चीन का खुरापाती दिमाग बॉर्डर के हालात को बिगाड़ने में लगा है. जिसका जवाब लगातार भारतीय आर्मी भी दे रही है. जून महीने में हुई हिंसक झड़प में चीन का खूनी खेल भी बाकी देशों को समझ आ गया था. जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. इन घटनाओं के बीच राजनाथ सिंह का ये दूसरा दौरा है जब वो रूस पहुंचे हैं और वहां के रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगु से मिले हैं.

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