चीन की तो खैर नहीं, अमेरिका के इस कदम से खौफ में ड्रैगन, लद्दाख सीमा पर तैनात ये घातक विमान  

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सीमा विवाद को लेकर बीते दिनों भारत और चीन के बीच रिश्ते कैसे रहे हैं.. यह तो जगजाहिर है। इस दौरान लगातार जब चीन भारत को धमकी भरे अंदाज में चेताना का दुस्साहस कर रहा था तो ऐसी स्थिति में अमेरिका ही वो देश था , जिसने मुखर होकर भारत का साथ दिया और ड्रैगन के हर उस झूठ का पर्दाफाश किया, जिसमें वो वैश्विक मंच पर अपनी शोर्य का राग अलापने में मशगूल रहा था। अब ऐसी स्थिति में जब लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच तनातनी का दौर जारी है तो अमेरिका ने मुखर होकर भारत का साथ देते हुए अब लद्दाख सीमा पर बेहद ही घातक परमाणु बॉम्बर B-2 स्प्रिट को तैनात किया है। यह विमान 16 परमाणु बमों को लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। इतना ही नहीं, अब तो यह विमान बहुत जल्द ही भारतीय वायुसेना के साथ युद्ध के साझा रणनीति को प्रबल बनाने की दिशा में शामिल किया जाएगा।

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अमेरिका के इस कदम के बारे में अधिक जानकारी देते हुए अमेरिकी पत्रिका द नेशनल इंट्रेस्ट ने कहा कि भारत और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को लद्दाख सीमा पर ही अंजाम दिया जाएगा। इसके इतर अमेरिका चीन के उस डिफेंस सिस्टम को भी परखना चहाता है, जिसमें  तीन बी-2 बमवर्षक विमान अमेरिकी नेवल बेस डियागो गार्सिया में तैनात हैं, जो कि फिलहाल भारत से 10 मिली की दूरी पर ही तैनात है। अमेरिका यहीं से इन विमानों को अफगानिस्तान और ईराक में हमले के लिए भेजता रहा है।

भारत की मदद करने को तैयार यूएस 
उधर, अमेरिका के इस कदम के बारे में अमेरिकी वायुसेना के कमांडर कर्नल क्रिस्टोफर कोनंत ने भारत का जिक्र किए बगैर कहा इन विमानों को तैनात किया जाएगा।  बॉम्बर टास्कफोर्स हमारी नैशनल हमारी सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा है। बता दें कि स्ट्रेटजिक कमान B-2 स्प्रिट स्टील्थ बॉम्बर खतरे और जरूरत के हिसाब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैनात है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भारत के प्रति चीन की उस हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। उधर, चीन ने भी सीमा पर भारत से जारी तनाव को मद्देनजर रखते हुए एस-400 और एस-300 मिसाइल को तैनात किया है।

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