नए कारोबारियों के इस काम को मिली केंद्र से अनुमति, महज 3 दिन में होगी राह आसान

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देशभर में कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार ने नए कारोबारियों के हित में फैसला लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल केंद्र सरकार ने व्यापारियों को भरोषा दिलाते हुए कहा है कि उन्हें महज तीन दिन के अंदर जीएसटी नंबर उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिससे वह अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। बता दें कि इससे पहले भी केंद्र सरकार व्यापारियों की मदद करने के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है। जैसे कोई भी कारोबारी अगर पैसे की कमी के चलते व्यापार नहीं शुरू कर पा रहा है तो उनके लिए मुद्रा लोन स्कीम केंद्र सरकार लेकर के आई है। यहां से बैंक आपको लोन देगा। आप अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में अगर कोई अपना कारोबार खड़ा करना चाहता है, तो सरकार ऐसे लोगों की हर तरह से मदद के लिए तैयार है। बताया जा रहा है नए कारोबारियों को बिजनेस जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आधार कार्ड देना होगा.

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सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी कंपनियों पर लगाम लगेगी. इसके अलावा आधार की मदद से प्रमाणीकरण होने से ईमानदार टैक्सपेयर को सहूलियत होगी।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि आधार ऑथेंटिकेशन के जरिये GST रजिस्ट्रेशन के फैसले से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को रफ्तार मिलेगी।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी से कारोबारियों को काफी फायदा हुआ है. 40 लाख रुपये सालाना तक के टर्नओवर वाले कारोबार को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद टैक्सपेयर बेस दोगुना हो गया है. इससे पहले शुरुआत में जीएसटी के तहत आने वाले कारोबारी करीब 65 लाख थे, अब यह संख्या बढ़कर 1.24 करोड़ तक पहुंच गई है. बहरहाल 27 अगस्त को जीएसटी कौंसिल की 41वीं बैठक होने की जानकारी सामने आई है।

मालूम हो कि केंद्र की मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत की ओर हर सेक्टरों को रिझाने की तैयारी कर रही है। चूंकि आत्मनिर्भर भारत एक अभियान ही नहीं है, हमारे देश का एक हिस्सा भी है। इसलिए आत्मनिर्भरता हर काम में जरूरी है। वो दिन दूर नहीं जब भारत भी चीन, अमेरिका जैसे देशों को पछाड़ कर वर्ल्ड में टॉप रैंकिंग में गिना जाएगा। हाल ही में पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था कि अब हम मेक इन इंडिया नहीं बल्कि मेक फॉर वर्ल्ड की ओर बढ़ चुके हैं।

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