चीन के साथ इतने में डील कर रहा था जासूसी पत्रकार, स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार को तीन जासूसों को गिरफ्तार किया है, जो चीन की ग्लोबल मीडिया के लिए काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यह जासूस भारत की जानकारी दूसरे देश को बेच रहे थे। सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट के इनपुट पर इन तीन लोगों को देश की राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। जासूसी के इस नेटवर्क में चीन की महिला और उसके एक नेपाली साथी समेत एक फ्रीलान्स पत्रकार शामिल था। स्वतंत्र पत्रकार का नाम राजीव शर्मा का बताया जा रहा है, जो अभी दिल्ली स्पेशल सेल की गिरफ्त में है। जासूस के केस में पकड़े गए ये तीनों आरोपियों में से पत्रकार राजीव शर्मा का करीब 40 साल से पत्रकारिता से जुड़ाव रहा है। वह पिछले 10 साल से फ्रीलान्स पत्रकार के तौर पर काम कर रहे हैं। विभाग द्वारा अधिकारियों की पूछताछ में राजीव शर्मा के कई कारनामों के खुलासे हुए हैं।

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सूत्रों के अनुसार राजीव शर्मा वर्ष 2016 में एक चीनी शख्स माइकल जॉर्ज के संपर्क में आए थे, जिसके जरिए उन्हें ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखने का मौका मिला था। जानकारी के अनुसार, शर्मा वर्ष 2019 से लगातार जॉर्ज के टच में हैं और उन्हें हर देश की खुफिया जानकारी साझा कर रहे हैं. इस काम के लिए शर्मा को हवाला और दूसरे माध्यमों के जरिए बहुत पैसा मिलता था।

जानकारी के अनुसार, एक खुफिया जानकारी दुश्मन देश को पहुंचाने के लिए शर्मा को 1000 US डॉलर मिलते थे. इससे संबंधित कुछ कागजात भी जांच के दौरान पुलिस के हाथ लगे हैं, जो इसकी पुष्टि करते हैं. इन मीटिंग्स में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर, सीमा पर सेना की तैनाती और सरकार द्वारा तैयार रणनीति आदि की जानकारी साझा की जाती थी।

पूछताछ से ये भी सामने आया है कि आरोपी शर्मा मीडिया और PIB कार्ड के जरिए लोगों से मिलते थे और जानकारी पास ऑन करते थे। इतना ही नहीं राजीव शर्मा ने चीनी शख्स जॉर्ज के साथ मिलकर एक शैल कंपनी भी बना रखी है. ये कंपनी महिपालपुर की बताई जा रही है, जिसके माध्यम से ये दवाई एक्सपोर्ट के जरिए करीब 40-45 लाख का कारोबार करते हैं।

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