Delhi election: दिल्ली की वो 12 सीटें जहां मिलती है BJP को सत्ता की कुर्सी

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पहले हरियाणा इसके बाद महाराष्ट्र फिर झारखंड और अब दिल्ली। हरियाणा में गठबंधन ने बीजेपी की कमोबेश लाज़ बचा ली महाराष्ट्र में वो हुआ, जिसकी परिकल्पना कभी किसी सियासी पंडित ने नहीं की थी और वहीं बात अगर झारखंड की करें तो वहां पर बीजेपी को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। अब आया है, चुनाव देश की राजधानी दिल्ली में। ये भी पढ़े :दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले सोशल मीडिया का कमाल, इस दीवार की तरह मजबूत रही केजरीवाल सरकार

सियासी पंडितों की अगर मानें दिल्ली के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा। त्रिकोणीय इसलिए चूंकि ये मुकाबला सत्तारूढ़ दल आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच देखने को मिल सकता है। आंदोलन से जन्मी आम आदमी पार्टी के पास वर्तमान में सत्ता की चाबी हैं तो वहीं कांग्रेस को दिल्ली की जनता बैकसीट पर बैठा दिया है। वहीं, बात अगर केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी  बीजेपी की करें तो वो 1998 से लेकर अब तक दिल्ली की सत्ता से दूर है।

कुछ पुराने किस्म के सियासी पंडितों का कहना है, ‘जब 1993 में राजधानी दिल्ली में विधानसभा के चुनाव हुए थे, उस वक्त बीजेपी ने 70 में से 49 सीटों पर अपना विजयी दुर्ग स्थापित किया था। पुराने सियासी पंडितों का कहना है कि उस दौरान बीजेपी महज इसलिए अपना विजयी पताका लहराने में कामयाब हुई थी, चूंकि उन 12 सीटों पर बीजेपी बेहद अच्छा परफोर्रमेंस किया था।

इतना ही नहीं, चुनावी अतीत को खंगलाने पर पता चलता है कि बीजेपी के लिए ये 12 रिजर्व सीटें बेहद अहम रखती थी। बताया तो ये भी जाता है कि अगर इन सीटों पर बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन कर लिया तो उसे सत्ता का सुख भोगने से कोई भी नहीं रोक सकता है।

1993 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान राजधानी दिल्ली में रिजर्व सीटों की संख्या 9 थी,  जिसमें में से 5 सीटों पर बीजेपी ने बेहद अच्छा प्रदर्शन किया था। उस दौरान  बीजेपी ने इन पांचों सीटों पर जीत हासिल की थी। अब पुराने सियासी पंडितों का कहना है कि पिछले 15-20 सालों से बीजेपी इन रिजर्व सीटों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। अगर बीजेपी इन रिजर्व सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहती है तो उसे दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने से कोई नहीं रोक सकता है।

वहीं, इन सीटों पर हाल ही में लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के परफोर्मेंस की बात करें तो इन 12 सीटों पर पार्टी ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। इतना ही नहीं, पिछले 6 महीनों में पार्टी ने सबसे अधिक घोषणाएं इन्हीं सीटों पर रहने वाले लोगों के लिए की है। अगर बीजेपी को दिल्ली की सत्ता में वापसी करनी है तो इसके लिए उसे इन सीटों पर फतह हासिल करने के लिए अभी से ही जीतोड़ मेहनत करनी होगी। ये भी पढ़े :दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगेगा स्टार्स का तड़का, BJP के लिए भोजपुरी सुपरस्टार्स करेंगे प्रचार