DELHI-NCR की सांसों पर जहराली हवाओं का पहरा, AQI 600 के पार, सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

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दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की हवायें पिछले एक महीने से जहरीली बनी हुई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गुरुवार को और अधिक खराब हो गया। कुछ इलाकों में एक्यूआई 600 के पार दर्ज किया गया है जो कि अब तक का सर्वाधिक है। अब दिल्ली-एनसीआर के सभी इलाकों की प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस लेने तक में दिक्कत आने लगी है। सरकार के तमाम तरह के कदम उठाए जाने के बाद भी प्रदूषण के स्तर में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है बल्कि प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च के अनुसार नोएडा में पीएम 10 का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुबह 604 दर्ज किया गया। गुरुग्राम में पीएम 2.5 और एयर क्वालिटी इंडेक्स 409 दर्ज हुआ। इससे कुछ देर पहले नोएडा में पीएम 10 का एक्यूआई लेवल 543 हो गया था। दिल्ली के ओवरऑल एक्यूआई लेवल पीएम 2.5 लेवल 382 दर्ज किया गया।

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ऐसा है एयर क्वालिटी इंडेक्स

एक्यूआई को शून्य और 50 के बीच ‘अच्छा‘, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक‘, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम‘, 201 और 300 के बीच ‘खराब‘, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब‘ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर‘ श्रेणी में माना जाता है।

दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के आसपास से ही हवा जहरीली हो गयी है। सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से सुनवाई चल रही है, जिस दौरान कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार को फटकार भी लगा चुका है। गुरुवार को फिर से सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि प्रदूषण के बीच स्कूल क्यों खुले हुए हैं। सीजेआई एनवी रमन्ना ने कहा कि आप (दिल्ली सरकार) कह रहे हैं कि आपने वर्क फ्रॉम होम लागू किया। स्कूल बंद किये हैं। उन्होंने कहा कि वर्क फ्राम होम और स्कूल बंद होना ये सब दिख ही नहीं रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप रोज हलफनामा पेश कर रहे हैं। रिपोर्ट, कमेटी रिपोर्ट सब दे रहे हैं। वास्तविकता में प्रदूषण कम होना चाहिए लेकिन और बढ़ता ही जा रहा है। बेंच ने पूछा कि आपने टास्क फोर्स बनाई थी, उसका क्या हुआ। उसमें दिल्ली सरकार के कितने आदमी हैं और केंद्र के कितने?

कंस्ट्रक्शन पर लगी है रोक

दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने कंस्ट्रक्शन पर रोक लगा दी थी। सात दिसंबर तक राजधानी और उसके आसपास के इलाके में निर्माण नहीं किया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जितने दिन काम बंद रहेगा, उतने दिन राज्य सरकारें निर्माण कार्य मजदूर फंड से मजदूरों को पैसा देंगी। निर्माण से संबंधित गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियों जैसे प्लंबर, इंटीरियर डेकोरेशन, इलैक्ट्रीशियन के काम को अनुमति दी गई है। निर्माण कार्यों पर छूट देते हुए दिल्ली सरकार ने कहा था कि अगर कंस्ट्रक्शन के काम को ज्यादा समय के लिए रोक दिया गया तो दिल्ली में मजदूरों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।

बारिश के आसार, क्या घटेगा प्रदूषण…

मौसम विभाग ने गुरुवार को राजधानी में बारिश का अनुमान जताया है। दिल्ली और उसके आसपास इलाके में नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में आज बारिश हो सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि बारिश के बाद प्रदूषण से कुछ हद तक छुटकारा मिल सकता है। ठंडक और बढ़ने के आसार हैं। दिल्ली के कुछ हिस्सों के अलावा, फारुखनगर, उत्तर प्रदेश के देबई, नरौरा, सहसवां, अतरौली, अलीगढ़, राजस्थान के भरतपुर और बालाजी में अगले कुछ घंटों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

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