कालिंदी कुंज मार्ग खोलने पर कोर्ट की टिप्पणी, जनहित को ध्यान में रखकर पुलिस करें कार्रवाई 

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तकरीबन एक माह से जारी सीएए कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन के बीच शाहिन बाग में जारी प्रदर्शन के संदर्भ में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस के पाले में गेंद डालने की कोशिश की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, ‘जैसे ट्रैफिक पुलिस, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, जो ठीक कदम लगे उसे उठाए और रास्ता खुलवाए, ताकि आम जनमानस को जिस तरह परेशानियों का सामना वर्तमान में करना पड़ रहा है वो न करना पड़े। ये भी पढ़े :सीएए कानून को लेकर केशव प्रसाद मौर्या का बड़ा बयान, कहा-हिंसा में था हाथ, अब लगेगा इनपर प्रतिबंध

अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आम जनमानस के हित का भी खास ख्याल रखा जाए। इसी बीच अदालत ने सुनवाई के दौरान ये भी कहा कि इस भारी जाम के कारण छोटे-छोटे बच्चों को एक से दो घंटे पहले ही स्कूल से निकलना पड़ता है, जिसके चलते उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ता है। दफ्तरपेशा लोगों को भी दफ्तर आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

आखिरकार याचिका में क्या कहा गया था?
यहां पर हम आपको बताते चले याचिकाकर्ता ने याचिका में मांग की है कि पिछले 27 दिनों से विरोध प्रदर्शन के चलते शाहिन बाग व कालिंदी कुंज मार्ग बंद है। इसकी वजह से लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लिहाजा हमारी दरख्वास्त है कि इस विरोध प्रदर्शन पर विराम लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाए। याचिका में कहा गया है कि ये मार्ग विरोध प्रदर्शन के चलते बंद होने के कारण अन्य वैकल्पिक मार्गों में भारी जाम लगा हुआ है, जिसके लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को कालिंदी कुंज-शाहीन बाग पट्टी और ओखला अंडरपास को बंद करने के आदेश को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की गई। ये भी पढ़े :सीएए कानून पर शबाना आजमी का बयान, मुझे अफसोस है कि मैं इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रही हूं