किसान बिल के विरोध में उतरी कांग्रेस, तो BJP नेता ने विपक्ष पर बोला हमला, कह दी ऐसी बात

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JP Nadda on congress

बीजेपी से नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी पर फिर से निशाना साधा है. नड्डा ने तीन कृषि अध्यादेशों का सपोर्ट किया है और कहा कि इससे किसानों को ज्यादा लाभ मिलने वाला है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये तीनों ही अध्यादेश दूर-दृष्टि से जुड़े हैं. यही कारण है कि हम इसे बिल के रूप में संसद में पेश कर रहे हैं. क्योंकि ये तीनों बिल कृषि सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हैं. इस बारे में आगे बात करते हुए नड्डा ने ये भी बताया कि, ”जरूरी वस्तु एक्ट के बारे में बात करें तो ये 1955 का है. जिस दौर में उपज में काफी ज्यादा कमी थी. लेकिन अब ये पहले के मुकाबले अधिक बढ़ गई है. इससे जुड़ा बिल उस समय आया था जब उपज इतनी ज्यादा नहीं थी. हालांकि अब इसे अविनियमित (Deregulated) करते हुए अपवाद के हालात को ध्यान में रखा गया है. खास बात तो ये है कि इससे प्राइवेट सेक्टर को भी निवेश करने का रास्ता मिल जाएगा.

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आगे नड्डा ने कहा कि ऐसे ही कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) बिल के जरिए भी किसान को सुविधा देने की कोशिश जारी है. इसके पीछे का कारण ये है कि किसान अपने प्रोडक्ट को आसानी से बेच सकेंगे. यानी कि अभी किसान केवल अनाज मंडी में ही जाकर अब अपने उत्पाद को बेच पाते हैं. लेकिन इन अध्यादेशों के पास होने के बाद किसान मंडी से बाहर जाकर भी अपना अनाज बेच सकेंगे. जिससे किसान ये अंदाजा भी लगा सकेंगे कि उन्हें मंडी में सही पैसा मिल रहा है या फिर मंडी से बाहर मिल रहा है. नड्डा ने कहा ये इस बिल के तहत किसानों को इसकी भी जानकारी दी जाएगी कि किन जगहों पर कौन सा दाम चल रहा है और आगे जाकर इसका कितना दाम होने वाला है.

इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि इसी तरह मूल्य आश्वासन और कृषि से जुड़ी सेवाएं किसान (Empowerment and protection) समझौता बिल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पर आधारित है. ये बिल किसानों के लिए इस वजह से भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि सभी लोग खेती नहीं कर पाते हैं. इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए लिखित एग्रीमेंट की सुविधा की गई है. नड्डा ने कहा कि ये एग्रीमेंट उत्पाद पर आधारित होगा. ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट खेती करने वाली जमीन पर भी यदि निवेश किया जाता है तो इस हालात में भी जमीन का मालिक होने के हक किसान के पास ही रहेगा.

जोपी नड्डा ने कहा कि इन दिनों कांग्रेस पार्टी इस अध्यादेश के विरोध में खड़ी हो गई है. इनके डबल फेस हैं. कांगेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ राजनीति करती है इसके अलावा इन्हें और किसी चीज का ज्ञान नहीं है. उन्होंने कहा, यही कांग्रेस की सरकार थी जिसने साल 2013 और 14 में यूपीए की सरकार ने फूड और वेजिटेबल्स को APMC से डिनोटिफाई कराया था. यहां तक कि खुद कांग्रेस ने साल 2019 में जारी किए गए अपने घोषणा पत्र के जरिए भी ऐसा ही फैसला करने का वादा किया था.

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