चीन ने LAC पर उतारे अपने भालेदार सैनिक, तस्वीरों में ड्रैगन का पर्दाफाश

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भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा विवाद गहराता ही चला जा रहा है, इसका उदाहरण है बीते दिनों सीमा पर चीनी सैनिकों को भाले और हथियारों के साथ देखा गया। जिनकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा वायरल हो रही है। दोनों देशों के बीच पिछले तीन महीने से जारी विवाद अब और खौफनाक हो गया है। LAC पर आर या पार की स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं 45 साल बाद LAC पर फायरिंग भी की गई। दरअसल चीनी सैनिकों ने रेजांग ला की ऊंचाई पर कब्जा करने की रणनीति बनाई थी। सोमवार की शाम जैसे ही चीनी सैनिक LAC के नजदीक पहुंचे, वहां भारतीय सेने पहले से ही नजरें गड़ाए बैठी थी। जिस मंशा ने चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की उनकी मंशा कामयाब नहीं हो सकी। भारतीय जवानों ने उन्हें सीमा से वापस खदेड़ दिया। इस दौरान चीनीयों ने सेना को डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की, हालांकि भारतीय सेना ने अपना संयम बरतते हुए चीनीयों को LAC से वापस भेज दिया।इस बीच LAC से जो तस्वीर सामने आई है, उसने सभी को चौंका दिया है।

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दरअसल चीन की सेना ने एलएसी पर अपने भाले वाले दस्ते तैनात कर दिए हैं। यानि की ड्रैगन हिंसा की रणनीति बना रहा है, हालांकि भारतीय सेना ने भी अपनी कमर कस ली है। किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए भारत के जवान तैयार है।

रक्षा सूत्र का कहना है कि चीनी सैनिकों ने जो भाले जैसा हथियार हाथ में ले रखा है उसे ‘गुउंडाओ’ कहते हैं. ये चीन का मध्यकालीन हथियार है. पुराने जमाने में इन भालों का इस्तेमाल जंगली जानवरों को मारने के लिए किया जाता था। बताया जा रहा है कि जिन चीनी सैनिकों के हाथों में यह भाले दिख रहे हैं, वे रैगुलर-आर्मी नहीं बल्कि मिलिशिया-फोर्स है जो बेहद खूंखार होती है।

बहरहाल सीमा पर तनाव के बीच भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व ने कई दौर का विचार-विमर्श किया है. भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवड़े ने राजनाथ सिंह को उभरती स्थिति के बारे में जानकारी दी।

वहीं इस बीच कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक रूस में चल रहे एससीओ सम्मेलन के दौरान दोनों के राष्ट्रप्रमुखों की यह मुलाकात होना संभव माना जा रहा है।

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