चीन बोला- हम सीमा पर तनाव को खत्म करने को तैयार हैं, लेकिन इस वजह से भारत ने कर दिया मना 

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पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव की स्थिति बरकरार है। इस तनाव से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर वार्ता का सिलसिला जारी है, मगर जमीनी स्तर पर इसका असर नजर नहीं दिख रहा है, लेकिन अब सीमा विवाद के इस कश्मकश के बीच खबर है कि चीन इस तनाव को खत्म करने के लिए तैयार है। तनाव से खत्म करने का सीधा सा मतलब है कि वो अपने सैनिकों की तैनाती को विवादित क्षेत्र से हटाने के लिए तैयार है, लेकिन भारत ने उसे दो टूक मना कर दिया है। हालांकि, भारत भी चाहता है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव खत्म हो। मगर जिस तरह की शर्त इस तनाव को खत्म करने का एवज में चीन ने रखी है, उससे भारत इत्तेफाक रखते हुए नजर नहीं आ रहा है।

आखिर क्या है वो शर्त 
बता दें कि चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तैयार है, मगर चीन ने पहले ये शर्त रखी है कि भारतीय सेना पहले पैंगेंग झील के दक्षिण किनारे पर कब्जाई गई चोटी से अपने सैनिकों को खाली करें। तभी चीन इस विवाद को सुलझाने के लिए तैयार होगा। लेकिन, भारत ने चीन को दो टूक कह दिया है कि वो इन क्षेत्रों से अपने सैनिकों की पोजिशन में कोई बदलाव नहीं करने जा रहा है। भारत का कहना है कि इस तनाव को सुलझाने की दिशा में एकतरफा कार्रवाई नहीं की जाएगी बल्कि दोनों तरफ से कार्रवाई की जाएगी। एकपक्षिय कार्रवाई हमें स्वीकार नहीं है। उच्च स्तरिय अधिकारी का साफ कहना है कि चीनी अतिक्रमण का जवाब देने के लिए सात जगह एलओसी को पार किया गया था। चीन से तनाव के बीच कई क्षेत्रों में भारत का दबदबा कायम है।

नहीं बदला ड्रैगन का रूख 
भारत व चीन के बीच जारी तनाव के मद्देनजर कई मौकों पर सैन्य स्तर की वार्ता जारी है, मगर चीन अपने रूख से टस से मस नहीं हो रहा है। हाल ही में रूस के मॉस्कों में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस मसले को उठाने की कोशिश की थी, मगर अभी इसके सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आए। ये भी पढ़े :शुक्रवार की रात भारत में जो कुछ भी हुआ, उसे जान अब खौफ में आया चीन, ये है बड़ी वजह