शुक्रवार की रात भारत में जो कुछ भी हुआ, उसे जान अब खौफ में आया चीन, ये है बड़ी वजह 

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इन दिनों भारत और चीन के बीच तनाव अपने चरम पर है। इस तनाव को दूर करने के लिए वार्ता का सिलसिला जारी है, मगर बावजूद इसके धरातल पर असल परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं, जिसके मद्देनजर अब भारत लगातार अपनी हर उस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में जुट गया है, जिससे कि ड्रैगन की घेराबंदी की जा सके। अब इसी कड़ी भारत ने इस दिशा में दोहरी सफलता हासिल कर ली है। बता दें कि इस तनाव के मद्देनजर रखते हुए पृथ्वी-2 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। यहां तक परमाणु हथियार ले जाने का माद्दा रखने वाले पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण शुक्रवार को शाम सात बजे किया गया था।

फिर हुआ दूसरा कामयाब परीक्षण 
यहां पर हम आपको बताते चले कि पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण ओडिशा के बालासोर तट पर हुआ था। डीआरडीओ द्वारा विकसित बैलेस्टिक मिसाइल ( Ballistic missile) देश की रणनीतिक फोर्स कमांड का हिस्सा है। इससे पहले 23 सितंबर को भी इसका सफल परीक्षण रात में बालासोर तट पर हुआ था। फिलहाल, तो यह परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है।

बढ़ेगी भारतीय सेना की मारक क्षमता 
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसी स्थिति में जब सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव अपने चरम पर है, तो पृथ्वी-2 मिसाइल के इस तरह से यूं परीक्षित होने से भारतीय सेना की  मारक क्षमता में क्रांतिकारी इजाफा होगा।  वहीं, राफेल की पहली खेफ मिलने के बाद अब राफेल की दूसरी खेफ भी मिलने वाली है। दोनों ही देशों के बीच जारी तनाव के दौरान भारत अपने हर उस कदम को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में जुट गया, जिससे कि उसके मारक क्षमता में क्रांतिकारी इजाफा किया जा सके। करीब 3-4 राफेल फाइटर जेट नवंबर के पहले हफ्ते में हरियाणा स्थित एयर फोर्स के अंबाला बेस पहुंचेंगे। इससे पहले राफेल की 5 खेफ पहले ही 29 जुलाई को भारतीय सरमजीं पर दस्तक दे चुके हैं। अपने दुश्मन मुल्कों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर मोर्चे पर अपने आपको सबल बनाने की भारत की कोशिश जारी है। ये भी पढ़े :जल्द खोलेगा भारत चीन के खिलाफ ये बड़ा मोर्चा? एयर चीफ मार्शल ने दिए ये बड़े संकेत