भारत के ‘लोकल से वोकल’ के आह्वान से बौखलाया चीन, सीमा पर निर्माण कार्यों को देख लगी मिर्ची

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले काफी समय से तनाव बना हुआ है। एक तरफ सीमा पर दोनों देश की सेना के बीच झड़प हुई है। तो वहीं दूसरी तरफ आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। दावा किया जा रहा है कि चीन की बौखलाहट का कारण सीमा पर भारत द्वारा किया जा रहा निर्माण कार्य है। दरअसल भारत ने चीन और नेपाल से लगती सीमाओं पर निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। जिसके बाद से चीन बौखला गया है लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकल से वोकल का आह्वान किया। जिसके बाद से ही चीन को मिर्ची लगी हुई है लेकिन इन सबके बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सीमा से लगते क्षेत्र की स्थिति का बारे में बताया।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ में वर्चुअल रैली के माध्यम से जनता को संबोधित किया। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ की सीमा नेपाल और चीन से जुड़ी हुई है। इस जनपद का सामरिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रयास से चीन सीमा तक लिपुलेख सड़क निर्माण में तेजी आई है। इसके आगे उन्होंने कहा कि नेपाल हमारा मित्र राष्ट्र है। उससे हमारी रोटी, बेटी और सांस्कृतिक संबंध है। हम एक-दूसरे पर विश्वास करते आए है। आज कुछ वैचारिक और अन्य कठिनाई उनकी ओर से उत्पन्न हुई है। जिसका वहां की जनता भी विरोध कर रही है।

उन्होंने कहा कि लिपुलेख के साथ ही लद्दाख सीमा तक सड़कों के निर्माण और सीमांत क्षेत्रों के हवाई अड्डों के विस्तार से चीन परेशान है। आत्मनिर्भर भारत और लोकल से वोकल के प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद चीन अपने सामान की मार्केटिंग से चिंतित है लेकिन इस बीच भारत ने अपने निर्माण कार्य को नहीं रोका है। पिथौरागढ़ आंवला घाट पेयजल योजना और थरकोट झील का निर्माण प्रगति पर है। वहां पर बारिश के पानी को संग्रहण करने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्यूलिप गार्डन की शुरुआत हो चुकी है और नैनी सैनी हवाई सेवा को भी शुरू किया जा चुका है। इतना ही नहीं, टूरिस्ट को बढ़ाने के लिए मोस्टमानू को नया पयर्टन स्थल बनाया जा रहा है।

इसके आगे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पिथौरागढ़ में सड़क निर्माण के लिए 33 करोड़ की धनराशि को स्वीकृति मिली है। लिपुलेख में सड़क निर्माण का कार्य आरंभ हो गया है। जिससे देश का विकास होगा और स्थानिय लोगों की काफी परेशानियां भी सुलझ जाएगी। वहीं दूसरी तरफ धारचूला क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए 28 करोड़ की स्वीकृती दी गई है।

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