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नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले साल से चला आ रहा सीमा विवाद चीन की पैतरेबाजी की वजह से खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वी लद्दाख में स्थित पैंगोंग झील सेक्टर पर भारत और चीन के सैनिकों के पीछे हटाने की प्रक्रिया इसी साल पूरी हुई है। इसके बाद चीन को यहां के गोगरा और हॉट स्प्रिंग इलाके से भी अपनी सेना हटानी थी लेकिन अब चीन फिर से पैंतरेबाजी पर उतर आया और वह इन इलाकों से अपने सेना हटाने से इंकार कर रहा है।

 नहीं तय हुई वार्ता की तारीख 

गौरतलब है कि दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने और सीमा विवाद को सुलझाने के मकसद से अब तक दोनों देशों के बीच 11 दौर की कॉर्प्स कमांडर स्तरीय वार्ता (Corps Commander Level Talks) हो चुकी है और 12 वें दौर की वार्ता होनी है लेकिन अब उसने साफ कह दिया कि वह इन इलाकों में विवाद का हल स्थानीय कमांडरों के स्तर पर चाहता है न कि भारत-चीन के बीच चल रही कॉर्प्स कमांडर वार्ता से। बता दें कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन के मध्यम से 12वें दौर की वार्ता की तारीखों तय होनी थी लेकिन चीन की तरफ से इस वार्ता को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। वहीं भारत ने भी अपनी तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय रिश्ते तब तक नहीं सामान्य होंगे जब तक पूर्वी लद्दाख से चीन की सेना पीछे हटती।’

दोनों सेनाओं के लिए अहम है यह इलाका 

मालूम हो कि मई 2020 में चीनी सेना की ओर से पैंगोंग त्सो झील और गोगरा-हॉट स्प्रिंग में दिखाई आक्रामकता के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस मामले को लेकर सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि , ’12वें दौर की वार्ता की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, वहीं पीएलए (PLA) यह कह रहा है कि LAC पर पैंगोंग त्सो झील से सैनिकों की वापसी दोनों देशों की लीडरशीप के लक्ष्य के हिसाब से हुई है। उन्होंने बताया कि चीन चाहता है कि गोगरा हॉट स्प्रिंग इलाके पर सैनिकों के पीछे हटने के प्रक्रिया स्थानीय कमांडरों के स्तर पर हो और इसके लिए कोई खास वार्ता न बुलाई जाए।’

उन्होंने कहा इससे स्पष्ट होता है कि चीन इन इलाकों में विवाद जल्दी सुलझाने के मूड में नहीं है।दरअसल ये इलाके भारत और चीन, दोनों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है। चीनी सेना गोगरा, हॉट स्प्रिंग और कोंगकाला क्षेत्र से इलाके में तैनात अपने सैनिकों के लिए भारी मात्रा में रसद पहुंचा पाती है यही वजह है कि वह इन इलाकों से नहीं हटना चाहती।

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