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झारखंड के कोडरमा में अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां पर एक लड़की अपने घरवालों के विरोध में जाकर हिम्मत दिखाई है, जिसकी हर जगह जमकर तारीफ भी हो रही है. लड़की कुछ करना चाहती थी, आगे से आगे बढ़कर पढ़ाई करना चाहती थी. लेकिन उसकी शादी तय कर दी गयी. जब बारात आने वाली थी उसके पहले ही लड़की ने दुल्हे पक्ष को फोन कर शादी से इनकार कर दिया, अपनी बात को बताते हुए किशोरी ने कहा कि ‘मैं अभी नाबालिग हूं…’

घरवाले जानबूझकर कराना चाहते थे शादी

ये केस कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड की मधुबन पंचायत से जुड़ा है. यहां की रहने वाली एक लड़की, जिसका नाम राधा ,उम्र केवल 17 वर्ष है. उसके माता-पिता ने उसकी शादी फिक्स कर दी थी. जब लड़की की बारात आने वाली थी, तो राधा को लगा कि वो ये शादी नहीं करना चाहती. राधा पढ़ना चाहती थी और शिक्षिका बनना चाहती है, जिसके कारण वो ये शादी नहीं करना चाहती थी.

बिना बेटी को बताए परिवार वालों ने उसकी शादी तय कर दी, लड़की की मंजूरी नहीं थी, लड़की ने अपने घरवालों को काफी समझाया. पर कोई नहीं माना. रिश्ता तय कर दिया. इसके बाद ही राधा ने लड़के वालों को फोन घुमा दिया और कहा कि अभी शादी के लायक उसकी उम्र नहीं है.

राधा ने फोन पर कहा कि ‘मैं बाल विवाह नहीं कर सकती हूं और मुझे पढ़-लिखकर शिक्षिका बनना है.’ उसने शादी का विरोध किया, तब जाकर ये शादी रुक पाई. तो वहीं राधा के इस काम की हर जगह काफी सराहना हो रही है. बता दें कि राधा मधुबन पंचायत की निवासी है और राधा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक भी नहीं है. राधा के तीन बहनें और दो भाई भी हैं.

इस बात की जानकारी जब कोडरमा उपायुक्त रमेश घोलप को प्राप्त हुई, तो वह राधा के घर चले गये और राधा की इस जागरुकता के लिए राधा को प्रशस्ति पत्र, शॉल और किताब उपहार स्वरूप प्रदान की गई.

अब राधा को इस काम के लिए बाल विवाह रोकने के प्रेरणा स्वरूप जिले का ब्रांड अम्बेसडर भी बना दिया गया है. इतना ही नहीं इसके अलावा राधा को सुकन्या योजना से भी जोड़ दिया गया है. वो बाकी लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गयी है.

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