पटना। बिहार में राजद प्रमुख लालू यादव के जेल जाने के बाद से ही पार्टी में गतिरोध जारी है। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को आज अपने छोटे भाई यानि तेजस्वी यादव की सम्भावित सफलता पर ही आशंका होने लगी है। तेजप्रताप कहते हैं कि जब तक तेजस्वी के अगल-बगल शिशुपाल और दुर्योधन जैसे लोग रहेंगे उनका बिहार का मुख्यमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता। यही नहीं तेजप्रताप ने शुक्रवार को पहली बार अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला है। तेजप्रताप का कहना है कि तेजस्वी सदन में नेता प्रतिपक्ष हैं, ऐसे में उन्हें बाढ़ पीड़ितों के बीच होना चाहिए, लेकिन अपने सलाहकार संजय यादव की सलाह पर वह बाढ़ पीड़ितों को छोड़कर दिल्ली चले गए। जाहिर है तेजप्रताप का यह सवाल राष्ट्रीय जनता दल के विरोधी पार्टियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं।

तेजस्वी के विरोधी जो सवाल उठाया करते थे, आज उन्हीं के बड़े भाई तेजप्रताप ने ही तेजस्वी को कटघरे में खड़ा कर दिया। तेजप्रताप ने यह ठान लिया है कि जो लोग उन्हें इग्नोर करेंगे या फिर उनसे पंगा लेंगे उन्हें वो एक्सपोज करेंगे। खासकर तेजप्रताप के निशाने पर अभी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव है, इन्हें ही तेजप्रताप क्रमश: महाभारत का शिशुपाल और दुर्योधन कहर सम्बोधित करते हैं। तेज प्रताप यादव ने बताया कि छात्र राजद के अध्यक्ष को बिना नोटिस देकर हटा देना पार्टी संविधान के खिलाफ है। जगदानंद सिंह पार्टी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।

तेजप्रताप यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव से वो बात करेंगे, उनके इर्द-गिर्द कई चाटूकार घिरे हुए हैं और अगर पार्टी का यही रवैया रहा तो तेजस्वी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। तेजप्रताप ने कहा कि ऐसे लोग जब तक तेजस्वी के आसपास रहेंगे हमारा अर्जुन कामयाब नहीं होगा और बिहार का सीएम नहीं बन पाएगा। तेजप्रताप ने आज जगदानंद सिंह और संजय यादव के साथ तेजस्वी तक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तेज प्रताप ने कहा मुझे अपने माता-पिता पर पूरा भरोसा है।

वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने भाई तेज प्रताप यादव और पार्टी अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बीच अनबन पर कहा कि तेजप्रताप मेरे बड़े भाई हैं, लेकिन हमारे माता-पिता ने हमें बड़ों का सम्मान करना और अनुशासित रहना सिखाया है, लोग नाराज होते ही रहते हैं।

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