CM Nitish Kumar का आज है जन्मदिन, जानें शुरु से लेकर अभी तक ‘मुन्ना’ के 10 बड़े फैसले

7वीं बार शपथ लेकर बिहार में अपना सिक्का जमाने वाले मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar)  का आज जन्मदिन है। नीतीश आज 70 साल के पड़ाव में कदम रख चुके है। नीतीश को राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है। उनके काम की चर्चा केवल उनके सहयोगी ही नहीं बल्कि उनके खिलाफी नेता भी उनके काम की प्रशंसा करते हैं। नीतीश के काम का सबसे ज्यादा असर महिला मतदाताओं पर अधिक पड़ता है, यही कारण है कि उनकी पहुंच महिला मतदाताओं पर अधिक है। बता दें कि आज ये दिन यानि की 1 मार्च को बिहार की सीएम का जन्म हुआ था। पटना जिले के बख्तियारपुर(Bakhtiarpur)  में जन्मे नीतीश को ‘मुन्ना’ भी कहा जाता है। वहीं पर उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। आइए आज  उनके जन्मदिन के मौके पर उनसे जुड़ी खास बातों पर चर्चा करते हैं।

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साइंस साइड से की पढ़ाई

नीतीश ने अपनी पढ़ाई साइंस साइड से ही पूरी की। उन्होंने पटना इंजीनियर कॉलेज से डिग्री ली। साल 1974 में हुए आंदोलन में नीतीश पूरी तरह से सक्रिय थे और वहीं समय था जब नीतीश ने राजनीतिक गलियारों में कदम रखा। नीतीश ने हरनौत से पहली बार साल 1977 में चुनाव लड़ा और ये चुनाव विधानसभा का था। 1985 में हरनौत से नीतीश को जीत मिली और वो वहां के विधायक बने। इसके बाद वो एक सशक्त नेता के रूप में उभरे और अपने राजीनितिक करियर को आगे लेकर आए। बाढ़ से साल 1989 में उन्होंने (नीतीश कुमार) गजब कर दिया। जाने-माने राम लखन सिंह यादव को नीतीश ने लोकसभा चुनाव में पछाड़ दिया और पांचवी बार सांसद बनें। साल 1974 के आंदोलन में उनके मित्र और राजनीतिक सहयोगी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि नीतीश ने कम उम्र में अपनी अलग पहचान बना ली।

कैसा है नीतीश का परिवार

नीतीश के पिता का नाम कविराज राम लखन सिंह और मां का नाम परमेश्वरी देवी है। उन्होंने मंजू कुमारी से शादी की थी, जो पेशे से शिक्षिका थी। नीतीश के एक बेटे निशांत है, जो कि पेशे से इंजानियर हैं। वर्तमान में मंजू सिन्हा इस दुनिया में नहीं है। आपकों बता दें कि साल 2005 में जब एनडीए ने लालू की सरकार को हटा कर नीतीश ने सीएम कुर्सी पर कब्जा किया था, तब से वो इस कुर्सी में बने हुए हैं।

नीतीश के लिए 10 फैसलों ने बनाई उनकी अलग पहचान

  • जो लड़कियां स्कूल जाने वाली है, उन लड़कियों के लिए नीतीश ने साइकिल और पोशाक देने की योजना का आरम्भ किया, जिसके कारण लडकियों को पढ़ाई में मदद मिली, साक्षरता दर पर इसका प्रभाव पड़ा।
  • नीतीश ने स्पीड ट्रायल की शुरुआत की जिससे अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके। इसके परिणामस्वरूप अपराधियो ने डर के कारण अपराध करना कम कर दिया और बिहार में अपराधों में कमी आई।
  • महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए नीतीश कुमार ने उनके लिए कड़ा नियम बनाया और उसे सुचारू रूप से जारी भी किया। ये नियम था महिलाओं को आरक्षण दिलाने का । इससे महिलाओं के आत्मसम्मान को ऊपर उठाया गया।
  • सिपाही भर्ती में महिला पुलिस को नीतीश सरकार ने 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कहीं, जिसकी वजह से बहुत सी जरूररतमंद महिलाओं को रोजगार मिला और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी हुई।
  • नीतीश का सबसे बड़ा फैसला रहा है शराब बंदी का। इस पर आज भी सवाल उठाए जाते है, लेकिन इस फैसले से बिहार में बहुत हद तक शराब की तस्करी में रोक देखी गई है, जिसका श्रेय कहीं ना कहीं नीतीश कुमार को ही जाता है।
  • पर्यावरण को बचाने के लिए नीतीश ने बड़ा फैसला लिया है। उनके इस फैसले को पूरे देश में सराहा गया है और इससे वन सरंक्षण भी हो रहा है।
  • हर घर में जल, नल की योजना शुरु कर के नीतीश ने बिहार के हर गांव की सूरत ही बदल दी है।
  • नीतीश ने बाल विवाह, दहेज प्रथा पर रोक लगा दी और तो और बूढ़े मां-बाप की सेवा करना अनिवार्य कार्यो मे से एक बताया है। इन कारणों से नीतीश ने काफी वाहवाही लूटी है।
  • नीतीश ने पहली बार सवर्ण आयोग का गठन किया, ऐसा पहली बार देश में किसी ने भी किया था। 15 अगस्त औऱ 26 जनवरी को नीतीश ने किसी महादलित समुदाय के व्यक्ति से झंड़ारोहण करवाया था, जिसके कारण वो कई दिनों तक चर्चा में बने रहे थे।
  • बिहार राज्य पहला ऐसा देश था , जहां पर कृषि रोडमैप लाया, जिसके कारण बिहार में कृषि संसाधनों में आराम मिला और कृषि में काफी सारे बदलाव देखने को मिलें।

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