बड़ी खबर: सिद्धू को मंत्रिमंडल से बाहर करने की तैयारी, कैप्टन से पंगा लेकर फंस गए  

मुखर रहने के लिए जाने जाते हैं। विवादों से पुराना नात है इनका। विरोधियों के निशाने पर अमूमन रहते ही हैं और नाम है इनका नवजोत सिंह सिद्धू। अब इनका सियासी भविष्य खतरे में नजर आ रहा है। अब ख़बर आ रही है कि ये जल्द ही मंत्रिमंडल से बाहर हो सकते है। हुआ यूं कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने  इन्हें बिजली विभाग का कार्यभार सौंपा था। कार्यभार सौंपे अभी तक 1 महीना हो चुका है। लेकिन अभी तक इन्होंने अपने दफ्तर जाना बिल्कुल भी मुनासिब नहीं समझा। इनके दफ्तर के आगे इनके नाम के तख्त भी लग चुके हैं। लेकिन, सिद्धू लगातार भूमिगत हैं। इनका कोई अता-पता नहीं है। वहीं, पंजाब की जनता का हाल बेहाल है। गरमी अपनी पराकाष्ठा को पार कर चुकी है। इस प्रचंड गर्मी में वहां पर 10 से 12  घंटे बिजली में कटौती की जारी है, लेकिन सिद्धू को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। जिसके कारण सूबे के विपक्षी दलों को बैठे-बैठे एक ऐसा मुद्दा मिल गया है, जिसे लेकर वे सत्तारूढ़ सरकार पर हमलावर हैं। इसी कड़ी में विभिन्न नेता सिद्धू पर हमला बोल रहे हैं। ये भी पढ़े :नवजोत सिंह सिद्धू को लगी तीखी मिर्ची ;अमित शाह से मिले कैप्टन अमरिंदर..हुई ये बातें

बिजली तो बहुत है
पंजाब में प्रचंड गर्मी है। सूबे में गर्मी अपनी पराकाष्ठा को पार कर चुकी है। ऐसी प्रचंड गरमी में भी वहां पर 10 से 12 घंटे बिजली काटी जा रही है। लेकिन, अफसोस सिद्धू लगातार नदारद हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आम जनता बिजली की समस्या से जूझ रही है। सिद्धू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय मंत्री के रूप में उनकी कारगुजारी कैसी भी रही हो लेकिन उन्हें नया कार्यभार मिला है तो उसमें उन्हें अच्छा काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली की उपलब्धता पंजाब में बहुत है। यहां बिजली की कोई कमी नहीं है। यहां बिजली के दाम भी अन्य राज्यों की तुलना में बहुत कम है। इसी बीच, भाजपा के नेता विनित जोशी ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू जैसे दिखते हैं। वैसे वे हैं नहीं। वे सत्ता के लालची है। उन्हें जनता के हित से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें पंजाब सेवा और जन सेवा से कोई सरोकार नहीं है। जब ये स्थानीय निकाय मंत्री थे, तब इनकी बैठकों में विरोध प्रदर्शन होता था। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हर मंत्री और मंत्रालय का कार्य महत्वपूर्ण होता है। किसी की भूमिका को कमतर नहीं आंका जा सकता है।

सिद्धू को बर्खास्त कर देना चाहिए
अकाली दल प्रवक्ता के दलजीत सिंह चीमा ने बयान जारी कर कहा कि अभी जो स्थिति पंजाब में बनी हुई है। वो बहुत संजीदा है। वहां पर स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुआ है। संवैधानिक लड़ाई की स्थिति बनी हुई है। लोकतांत्रिक व्यवस्था के अन्तर्गत मुख्यमंत्री को अधिकार होता है कि वे किसी भी मंत्री को कोई सा भी विभाग दे। ये मुख्यमंत्री के ऊपर निर्भर करता है। ऐसे में लगातार नवजोत सिहं सिद्धू मुख्यमंत्री की आज्ञा का उल्लंघन कर रहे हैं। अगर ऐसी चलता रहा है तो इन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर देना चाहिए। ये भी पढ़े :अब इस पद पर है नवजोत सिंह सिद्धू की नज़र..कांग्रेस में अंदरखाने बैचेनी का आलम

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