बड़ी खबर: कोरोना वायरस के बीच 21 सितंबर से खुलेंगे सभी स्कूल, लागू होंगे ये 10 सख्त नियम

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देशभर में कोरोना वायरस बड़ी तेजी से फैल रहा है। जिस वजह से पिछले छह महीने से स्कूल और कॉलेज को बंद किया हुआ है। ऐसे में अब तक तमाम छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का भारी नुकसान हो चुका है लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्कूल को खोलने की तैयारी कर ली है यानी की अब जल्द ही सभी स्कूलों में पहले की तरह चहल-पहल नजर आ सकती है दरअसल केंद्र सरकार ने 9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल को दोबारा खोलने का ऐलान कर दिया है। सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल को खोलने का आदेश दिया है लेकिन साथ की केंद्र सरकार ने स्कूल में बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए कई सख्त नियम भी लागू किए है।

50 प्रतिशत स्टाफ को अनुमति
केंद्र सरकार ने स्कूल को खोलने के लिए स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर यानी की एसओपी जारी किया है। इसके तहते 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल को खोला जा रहा है। जिसके बाद सभी स्टूडेंट स्कूल में जाकर पढ़ाई कर सकते है। इस दौरान सभी विद्यार्थियों को लागू किए गए नियमों का पालन करना होगा। ताकि कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार, स्कूल खुलने के बाद सिर्फ एक बार में 50 प्रतिशत टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ को ही बुलाया जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है जहां पर हाजिरी के लिए अन्य कोई व्यवस्था करनी होगी और अगर कोई स्कूल स्टूडेंट्स के लिए वाहन की व्यवस्था करता है तो उसे रोजाना सैनिटाइज करना होगा।

स्कूल से मिलेगी ये सुविधा
इसके आगे सरकार की तरफ से कहा गया कि स्टूडेंट्स को कोरोना से बचाने के लिए प्रत्येक स्कूल में थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता होनी जरूरी है ताकि स्कूल में प्रवेश के दौरान टीचर और स्टूडेंट्स की थर्मल स्कैनिंग आराम से हो सकें। इसके अलावा स्कूल में मौजूद सभी लोगों को समय-समय पर हाथों को सैनिटाइज करना होगा। ऐसे में टीचर्स व अन्य स्टाफ को फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर स्कूल की ओर से मुहैया कराए जाएंगे।

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इन पर लगी रोक
कंटेनमेंट जोन में स्कूल को नहीं खोला जाएगा। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन से आने वाले छात्र, शिक्षक और अन्य स्कूल स्टाफ के स्कूल आने में आने की अनुमति नहीं है।

कोरोना की वजह से बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिला स्कूल से दूर रहेंगे।

थर्मल स्कैनिंग में अगर स्कूल में किसी पर कोरोना पॉजिटिव होने का संदेह होता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग और पेरेंट्स को इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा।

लागू होंगे ये नियम
कोरोना की वजह से कक्षाएं बंद कमरे में नहीं लगेगी बल्कि बच्चों को खुले में पढ़ाया जाएगा।

शिक्षकों, स्टूडेंट्स और स्कूल के अन्य स्टाफ के बीच कम से कम 6 फुट की दूरी रखनी होगी। ताकि कोरोना के खतरे से बचा जा सके।

जमीन पर छह-छह फुट की दूरी पर मार्किंग होगी।

हर कक्षा की पढ़ाई के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा। जिससे स्कूल में एक समय में कम से कम स्टूडेंट्स होंगे।

स्टूडेंट्स कॉपी, किताब, पेंसिल, पेन, वॉटर बोतल जैसी चीजें आपस में शेयर नहीं कर सकेंगे।

स्टूडेंट्स, टीचर्स और अन्य स्टाफ को लगातार हाथ धोने होंगे। साथ ही फेस मास्क पहनना होगा।

स्कूलों में मॉर्निंग प्रेयर की अनुमति नहीं होगी।

जो छात्र स्कूल नहीं आएंगे, उनके लिए ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी।

जिन स्कूल की कैंटीन है वहां पर कैंटीन को बंद रखा जाएगा।

प्रैक्टिकल लैब के अंदर छात्रों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए कम संख्या में बैच बनाए जाएंगे। लैब के अंदर हर छात्र के लिए 4 वर्गमीटर का गोला खींचा जाएगा।