राष्ट्रपति के खिलाफ महिलाओं ने लगाए ‘गद्दी छोड़ो’ के नारे, सड़कों पर निकलकर बजाए बर्तन

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विश्व इतिहास इस बात की तस्दीक करता है कि जब-जब किसी मुल्क की जम्हूरियत की रूह पर हमला बोला जाता है, तो उस मुल्क की आवाम एकजुट होकर सड़कों पर उस निरकुंश हुकूमत के खिलाफ लामबंद होने से गुरेज नहीं करती। अभी कुछ ही ऐसा ही बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में हो रहा है। वहां की सड़कों पर महिलाएं अपने मुल्क की हुकूमत के खिलाफ लामबंद हो चुकीं हैं। महिलाएं हाथों में बर्तन लिए अपने राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग कर रही है। महिलाएं एकजुट होकर राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenko) के खिलाफ सड़कों पर बर्तन पीट रही है। उनके इस्तीफे की पेशकश कर रही है। बेलारूश में महिलाओं का विरोध प्रदर्शन गत 35 दिनों से जारी है। अपने आवाज को बुलंद करते हुए महिलाएं सड़कों पर अब उतर चुकी है। राष्ट्रपति के खिलाफ गद्दी छोड़ो जैसे नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

चुनाव में धांधली का लगा आरोप
यहां पर हम आपको बताते चले कि राष्ट्रपति पर चुनाव में धांधली का आरोप लगा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले 26 सालों से राष्ट्रपति की गद्दी पर विराजमान रहने वाले एलेक्जेंडर लुकाशेंको पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव में धांधली कर यह गद्दी हासिल की है। लिहाजा इसे प्रदर्शनकारियों ने देश के लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अपनी प्रतिद्वंद्वी स्वेतलाना तिखानोव्स्काया (Svetlana Tikhanovskaya) से इस बार के चुनाव में तगड़ी चुनौती मिली थी। लेकिन बावजूद इसके चुनाव में हुई धांधली की दम पर यह गद्दी हासिल करने में सफल हुए हैं। बताया जा रहा है कि चुनावी नतीजों के दौरान लुकाशेंको को 80 फीसदी मत मिले थे, जिसके बाद उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गड़बड़ी करके यह सत्ता हासिल की गई है।  लुकाशेंको पर अपने विरोधियों को ‘निपटाने और कुचलने’ के आरोप लगाए गए।

9 अगस्त को आए थे नतीजे 
यहां पर हम आपको बताते चले कि गत 9 अगस्त को ही बेलारूस के नतीजे आए थे, जिसके बाद से ही वहां पर विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। लोग सड़कों पर उतरकर इस जनादेश को मानने से इनकार कर रहे हैं। बेलारूस के चुनाव में कथित रूप पर गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। उधर, राष्ट्रपति ने निरकुंश शासन का परिचय देते हुए 7 हजार से भी अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, अब माना जा रहा है कि बहुत  जल्द ही सोमवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन बेलारूस के राष्ट्रपति से मुखातिब होने के लिए पहुंच सकते हैं। ये भी पढ़े :