LAC पर जारी तनाव के बीच चीन ने ठोका नया दावा, कहा- अरूणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा नहीं

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India-China dispute

भारत-चीन (India-china) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. एक बार फिर ड्रैगन की तरफ से वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास सारे नियमों का उल्लंघन किया गया है. इसी बीच अब चीन ने एक और दावा ठोक दिया है. अपने मनसूबे का अब चीन ने खुद ही खुलासा कर दिया है. दरअसल हाल ही में अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के बॉर्डर से ये खबर आई थी कि LAC पर जारी विवाद के बीच चीन सैनिकों (PLA) ने पांच भारतीयों का अपहरण किया है जिसके जवाब में अब ड्रैगन की ओर से प्रतिक्रिया दी गई है, चीन ने कहा है कि, वो अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा नहीं मानता है. जी हां हमेशा से ही घात लगाकर वार करने वाले चीन ने ये बयान जारी किया है कि वो अरुणाचल को हमेशा से ही चीन के दक्षिणी तिब्बत का क्षेत्र मानता रहा है. इतना ही नहीं बल्कि खुद डबल गेम खेलने वाले चीन ने ये आरोप भी मढ़ा है कि सोमवार को एलएसी पर तैनात भारतीय जवानों (Indian Army) ने गैर-कानूनी तरीके से वास्तविक सीमा रेखा (LAC) को पार किया और चीनी सीमा पर तैनात सैनिकों पर वार्निंग शॉट्स फायर किए. जबकि चीनी सैनिक (Chinese soldier) बातचीत करने के मूड में थे.

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दरअसल हाल ही में चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन सेना के एक प्रवक्ता के मुताबिक लिखा है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए चीनी सैनिकों को मजबूरन पलटवार करना पड़ा. बता दें कि अपहरण की खबर को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्विटर हैंडल पर सवाल उठाए थे, उसी को लेकर अब चीन की ओर से ये प्रतिक्रिया दी गई है. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की माने तो चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिएंग ने तो ये तक कह दिया है कि, ‘चीन ने कभी ‘कथित’ अरुणाचल प्रदेश को मान्यता ही नहीं दी. क्योंकि ये इलाका चीन के दक्षिणी तिब्बत का है. फिलहाल भारतीय सेना की तरफ से इसी क्षेत्र से पांच लोगों के अपहरण की खबर को लेकर हमसे सवाल किया जा रहा है लेकिन अभी हमें इससे संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है.’

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले हफ्ते रविवार की रात ही केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की तरफ से ट्विटर हैंडल के जरिए अपहरण के बारे में ट्वीट कर बताया गया था. साथ ही उन्होंने ये भी लिखा था कि अभी भारतीय जवान चीन की तरफ से आने वाली प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने ये बात भी लिखी थी कि, ‘भारतीय सेना ने पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी समकक्ष को इस बारे में जानकारी दी है, और अब उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है.’ दरअसल ये जानकारी रिजिजू ने एक पत्रकार की ओर से किए गए ट्वीट के जवाब में दिया था. फिलहाल जून के महीने से ही दोनों देशों के बीच हालात काफी ज्यादा नाजुक बने हुए हैं.

यहां तक कि 45 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब फिर से सीमा के पास चीन और भारतीय सैनिकों के बीच फायरिंग हुई है. हाल ही में इस खबर के बारे में जानकारी मिली है. फिलहाल सूत्रों के हवाले से ये पता चला है कि अभी सीमा पर हालात नियंत्रण में हैं. हालांकि इस तरह की घटना ऐसे समय में हुई है जब मास्को में लगातार बैठक चल रही है और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां के लिए रवाना होने वाले हैं. फिलहाल सीमा पर मची हलचल पर कंट्रोल करने के लिए चीन और भारत के बीच कई स्तर की बैठक हो चुकी है और दोनों आपस में कई बार वार्ता भी कर चुके हैं लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं निकला है बल्कि हालात और बेकाबू होते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि ड्रैगन कौन सी नई चाल चल रहा है फिलहाल इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है.

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