इस राज्य में अब बंद होने जा रहे हैं मदरसे, सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

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एक लोकतांत्रिक देश में सरकार कई बार ऐसे फैसले भी ले जाती है, जिसकी आलोचना उन्हें कई मौकों पर झेलनी पड़ती है। इस बीच अब असम सरकार ने  एक ऐसा ही फैसला लिया है , जिसकी विपक्षी दल जमकर आलोचना कर रही है। असम सरकार ने अब सरकारी पैसों से संचालित होने वाले धार्मिक पाठशालाओं को बंद करने का फैसला किया है। सरकार का साफ कहना है कि अब सरकारी धन का फिजूल खर्च नहीं किया जाएगा।  इसको बेवजह जाया नहीं किया जाए इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने अब  इस फैसले को भले ही जमीन पर अब उतारा हो, लेकिन इसकी सुगबुगाहट काफी पहले से ही आ रही थी कि सरकार कुछ ऐसा करने जा रही है। ये भी पढ़े :मदरसे में बंदूक की नोंक पर बच्ची से सामुहिक दुष्कर्म;जान से मारने की धमकी

विपक्ष की आलोचना 
उधर, असम सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले की राज्य की विपक्षी दल जमकर आलोचना  कर रही है। विपक्ष के नेता बदरुद्दीन अजमल नेे कहा कि अगर अगली मर्तबा हमारी सरकार आएगी, तो हेमंत बिस्वा सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले को वापस ले लिया जाएगा। बता दें कि हेमंत बिस्वा की सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी धन का इस्तेमाल मजहबी शिक्षा के लिए नहीं किया जाएगा। अगले महीने अब इस मसले को लेकर अधिसूचना जारी कर दिया जाएगा।

चुनाव में गरमाएगा मसला 
वहीं, अब बताया जा रहा है कि हेमंत बिस्वा सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला अब आने वाले दिनों में चुनाव मुद्दा बन सकता है। कुल मिलाकर साफ है कि विपक्ष दल इस फैसले को लेकर सरकार की बाड़ाबंदी कर सकती है। ध्यान रहे कि अगले साल असम में विधानसभ के चुनाव प्रस्तावित हैं। ये भी पढ़े :उत्तर प्रदेश:  मदरसे में घिनौना काम, मौलाना ने किया मासूम से दुष्कर्म