इस ऐलान के बाद दुनियाभर में छा जाएगी मोदी सरकार..करोड़ों गरीबों को मिलेंगे अधिकार

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में आर्थिक सर्वेक्षण कराने जा रही है। मोदी सरकार अपने इस सर्वेक्षण में ठेले, रेहड़ी, अपना रोजगार करने वाले भी मेनस्ट्रीम वालों को भी शामिल करेगी। साथ ही, 27 करोड़ घरों और 7 करोड़ Establishment का आर्थिक सर्वेक्षण होने जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ये जून के आखिरी हफ्ते में शुरू होगा। जिसकेत बाद सरकार को 6 महीने के अंदर ये साफ हो जायेगा कि देश में रोजगार की स्थिति कैसी है। जिसके बाद सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाएगी। अबकी बार देश भर की आर्थिक जनगणना का महत्वपूर्ण काम सीएससी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी अपने जनसेवा केंद्र संचालकों यानी वीएलई के माध्यम से पूरा कराएगी। ये भी पढ़े- देश के घर-घर में इस तरह पानी पहुंचाएगी मोदी सरकार..चुनिंदा देश ही कर पाए हैं ऐसा काम

मिलेंगे नए अधिकार
ठेले रेहड़ी वालों को शामिल करने से ये सभी लोग मेनस्ट्रीम में शामिल हो जाएंगे।

ठेले रेहड़ी वालों लेकर भी सरकार भी नए कानून बनाएगी। ऐसे में उनको आसानी से कर्ज मिलने समेत कई अधिकार मिलेंगे।

आर्थिक जनगणना करने के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलग-अलग गणनाकार लगाए जाएंगे।

घर-घर जाकर आर्थिक आधार पर जनगणना का काम करने के लिए शहरी क्षेत्र में दस अर्द्धशहरी क्षेत्र में सात और ग्रामीण क्षेत्र में पांच गणनाकारों का रजिस्ट्रेशन किया गया है।

आर्थिक जनगणना के तहत काम ऑनलाइन किया जाएगा।

पूरी गणना पेपरलेस होगी। मोबाइल या टैबलेट के माध्यम से जनगणना की जाएगी। सभी डिटेल मुखिया के समक्ष मोबाइल में ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।

सर्वे में शामिल गणनाकारों को मेहनताने के रूप में प्रति परिवार 15-20 रुपये दिए जाएंगे।

सर्वे में देशभर के करीब 20 करोड़ परिवार गणना में शामिल होंगे।

इस काम में करीब 300 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ये भी पढ़े-देश के घर-घर में इस तरह पानी पहुंचाएगी मोदी सरकार..चुनिंदा देश ही कर पाए हैं ऐसा काम

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