Air force Day: राफेल, तेजस व शिनूक की दहाड़ से खौफ में चीन व पाक, एयरचीफ मार्शल ने दिए ये संकेत

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आज वायुसेना दिवस है। आज ही के मौके पर 8 अगस्त 1932 को इसकी स्थापना हुई थी। इसकी स्थापना के 88वीं वर्ष हो चुके हैं। वायुसेना के स्थापना दिवस ऐसे मौके पर मनाया जा रहा है, जब एक तरफ जहां भारत का चीन के साथ तनाव अपने चरम पर है, तो वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान लगातार सीमा पर तनाव पैदा करने पर अमादा हो चुका है। ऐसी स्थिति इस स्थापना दिवस पर वायुसेना के प्रमुख एयरचीफ मार्शल के संबोधन पर सभी निगाहें टिकी हुई थी। बता दें कि इससे पहले आरकेएस भदौरिया ने भी अपने संबोधन में दो टूक कह दिया था कि अगर चीन के साथ हालात बिगड़ते हैं तो वायुसेना ड्रैगन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहेगी। ये भी पढ़े :रक्षामंत्री ने लड़ाकू विमान तेजस में भरी उड़ान, खूबियों को जानकर दुश्मनों के उड़ जाएंगे होश

उधर, आज यानी की स्थापना दिवस के मौके पर आरकेएस भदौरिया ने अपने संबोधन में  सीडीएस की नियुक्ति को एक लैंडमार्क डिसीजन बताया है। उन्होंने कहा कि सीडीएस की तैनाती से तीनों सेनाओं में सामंजस्य बेहतर करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम भविष्य में सिक्सथ जनरेशन फाइटर तकनीक को बढ़ावा देंगे। हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक और अत्याधुनिक ड्रोन सिस्टम विकसित करने पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भारतीय वायुसेना अपने राष्ट्र की अस्मिता की सुरक्षा के लिए तैयार है।

इस खास मौके पर वायुसेना के हथियारों ने अपने करतबों से चीन व पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि  इनमें 19 फ़ाइटर, 19 हेलीकॉप्टर, 7 ट्रांसपोर्ट, 9 सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के हॉक और 2 विंटेज शामिल रहे। इस मौके पर लड़ाकू विमानों तेजस, मिराज, सुखोई और शिनूक, स्वदेशी रुद्र ने भी अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान  परिवहन विमान  ग्लोवमास्टर और सुपर हर्कुलिस भी हिंडन एयरबेस के आसमान गरजते हुए नजर आए। ये भी पढ़े :भारत का तेजस और पाकिस्तान का JF-17 फाइटर, जानें कौन है ज्यादा दमदार