हाथरस केस: साजिश का पर्दाफाश, जातीय दंगे भड़काने के लिए मॉरिशस से की गई थी 50 करोड़ की फंडिंग

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हाथरस केस (Hathras Case) में अब आए दिन नए खुलासें सामने आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। दरअसल, हाथरस केेस में जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई थी जिसमें पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का हाथ सामने आया है। कहा जा रहा है कि इसके लिए मॉरिशस (Mauritius) से 50 करोड़ रुपए फंड भी किए जा चुके थे और बाकी का काम होने बाद किया जाना था।

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50 करोड़ रुपए की फंडिंग
ईडी की शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाथरस में जातीय दंगा फैलाने के लिए 50 करोड़ रुपए की फंडिग की गई थी। पूरी फंडिंग 100 करोड़ रुपए से ज्यादा था जिसे काम होने के बाद दिया जाना था। मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने कोर्ट में भी दावा किया था कि हाथरस गैंगरेप मामले को जातीय मुद्दा बनाया जा रहा है, साथ ही दंगे भड़काने की साजिश की जा रही थी। यूपी पुलिस ने मेरठ से चार संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि वे हाथरस में दंगा भड़काने की साजिश रच रहे थे।

PFI का दंगे में हाथ
पुलिस के मुताबिक, उन चारों संदिग्धों का कनेक्शन पीएफआई संगठन से है। उनके पास से हाथरस में दंगा भड़काने के लिए भड़काऊ चीजें बरामद की गई हैं। यही नहीं, हाथरस पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए एक वेबसाइट भी बनाई गई थी जिस पर आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई। फिलहाल, ईडी ने एफआईआर दर्ज कर दिया है और जांच जारी है।

योगी सरकार सवालों के घेरे में
गौरतलब है कि, हाथरस में एक 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप जैसी दरिंदगी करने का दावा किया था, हालांकि पुलिस व अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लड़की के साथ रेप जैसी वारदात नहीं हुई है। इसके उलट, 29 सितंबर को पीड़िता की मौत होने के बाद उसे आधी रात को आग के हवाले कर दिया गया। जब पुलिस सवालों के घेरे में आई तो उन्होंने दलील दी कि परिवार की रजामंदी से अंतिम संस्कार किया गया जबकि परिवार वालों ने इससे इनकार कर दिया।

PM मोदी-CM योगी पर निशाना
वहीं, यूपी सरकार का दावा है कि जस्टिस फॉर हाथरस नाम से बनाई गई आपत्तिजनक वेबसाइट के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि को बिगाड़ने की कोशिश की गई है। साथ ही, दंगा भड़काते हुए उस वेबसाइट में ये भी बताया गया है कि दंगा करने के बाद बचा कैसे जाए। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को भी निशाना बनाने की साजिश की गई थी। इसके लिए उन्हें अच्छी खासी फंडिंग भी की जा रही थी।

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