नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर एस सिरसा ने आज बताया कि अफगानिस्तान में गुरुद्वारा परिसर में मौजूद करीब 300 सिख सुरक्षित हैं। उनके साथ अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है। ऐसी घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट झूठी है। गौरतलब है कि बीते दो-तीन दिनों से मीडिया में खबरें आई कि अफगानिस्तान में फंसे सिखों की जान खतरे में हैं। बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद राजधानी काबुल के ‘करते परवान साहिब’ गुरुद्वारा में सिख और हिंदू समुदाय के करीब 300 लोग फंसे हुए हैं। वे लोग काफी डरे हुए हैं और दहशतजदा हैं। वहां फंसे एक युवक ने फोन पर बताया कि वे सभी भारत आना चाहते हैं।

उन्होंने गुरुद्वारे में तालिबान कमांडरों से मीटिंग से जुड़ी रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा कि वे यहां सरकारी असलहा और गाड़ी लेने आए थे, जो गुरुद्वारा को अफगानिस्तान सरकार की तरफ से मिले थे। इस बीच, अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा था कि अफगानिस्तान में फंसे हिंदू और सिख समुदाय के लोगों को लाने के लिए वह लगातार विदेश मंत्रालय और काबुल गुरुद्वारा के संपर्क में हैं।

इससे पहले काबुल गुरुद्वारा में तालिबान कमांडरों के पहुंचने और वहां के सिख समुदाय के साथ मीटिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। दावा किया गया था कि तालिबान ने सिखों को भरोसा दिया है कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, वे सुरक्षित हैं। मोदी सरकार भी अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों और सिख व हिंदू समुदाय के लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश में लगी है।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमिटी के चेयरमैन और अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अफगानिस्तान में फंसे सिखों और हिंदुओं को सुरक्षित निकालने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से बातचीत की हैं। उनके वीजा को ऑनलाइन मंजूरी दी जा चुकी हैं। सिरसा ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय और गुरुद्वारा करते परवान की संगत के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां से 6 लोगों को आज काबुल एयरपोर्ट ले जाया गया है। सिरसा ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार जल्द ही वहां से सभी हिंदू और सिख समुदाय के लोगों को वापस ले आएगी।

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