Pariksha Pe Charcha: स्टूडेंट्स से 20 बच्चों ने पूछे सवाल, पीएम ने दिया परीक्षा का खास मंत्र

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर पीएम मोदी छात्रों से सीधे तौर पर संवाद कर रहे हैं.

0
185

छात्रों से परीक्षा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चर्चा (PM Narendra Modi Pariksha Pe Charcha) कर रहे हैं. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर पीएम मोदी छात्रों से सीधे तौर पर संवाद कर रहे हैं.15 लाख से ज्यादा पैरेंट्स ने इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है और कार्यक्रम में 20 बच्चे प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछेंगे.

पीएम को पसंद है ये कार्यक्रम

छात्रों को संबोधित करते हुए परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बोला कि, ‘ये मेरा बहुत ही प्रिय कार्यक्रम है, पर कोरोना की वजह से बीच में मैं आप जैसे साथियों से मिल नहीं पाया. मेरे लिए आज का कार्यक्रम विशेष बहुत ही हर्ष का है, क्योंकि एक लंबे गैप के बाद आप सबसे मिलने का अवसर मुझे
प्राप्त हुआ है.’

अनुभव को बना लें ताकत

पीएम मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बोला कि, ‘त्योहारों के बीच में एग्जाम भी होते हैं. इस वजह से बच्चे त्योहारों का मजा नहीं ले पाते, लेकिन अगर एग्जाम को ही त्योहार बना दें तो उसमें कईं रंग भर जाते हैं.’ इसके आगे उन्होंने, ‘मन में तय कर लीजिए कि परीक्षा जीवन का सहज हिस्सा है. हमारी विकास यात्रा के ये छोटे-छोटे पड़ाव हैं. इस पड़ाव से पहले भी हम गुजर चुके हैं। पहले भी हम कई बार परीक्षा दे चुके हैं. जब ये विश्वास पैदा हो जाता है तो आने वाले एक्जाम के लिए ये अनुभव आपकी ताकत बन जाता हैं.’

पीएम मोदी ने इस बारे में बोला कि ‘अपने इन अनुभवों को, जिस प्रक्रिया से आप गुजरे हैं, उसको आप कतई छोटा मत मानिए. दूसरा आपके मन में जो पैनिक होता है, उसके लिए मेरा आपसे आग्रह है कि आप किसी दबाव में मत रहिए. जितनी सहज दिनचर्या आपकी रहती है, उसी सहज दिनचर्या में आप अपने आने वाले परीक्षा के समय को भी बिताइए.’

मन लगना है सबसे बड़ी गलती

पीएम ने बोला कि, ‘जब आप ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं तो क्या आप सच में पढ़ाई करते हैं, या रील (Reel) देखते हैं? दोष ऑनलाइन या ऑफलाइन का नहीं है। क्लासरूम में भी कई बार आपका शरीर क्लासरूम में होगा, आपकी आंखें टीचर की तरफ होंगी, लेकिन कान में एक भी बात नहीं जाती होगी, क्योंकि आपका दिमाग कहीं और होगा.’ आगे उन्होंने बोला कि, ‘मन कहीं और होगा तो सुनना ही बंद हो जाता है। जो चीजें ऑफलाइन होती हैं, वही ऑनलाइन भी होती हैं. इसका मतलब है कि माध्यम समस्या नहीं है, मन समस्या है. माध्यम ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, अगर मन पूरा उसमें डूबा हुआ है, तो आपके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन का कोई फर्क नहीं पड़ेगा.’

Read More-एक्शन में आए बुलडोजर बाबा, 10 हजार खाली पड़ी पुलिसकर्मियों की भर्ती के दिए आदेश