भारत में मोबाइल यूजर्स की सबसे बड़ी परेशानी में से एक अनचाही और फर्जी कॉल्स हैं। कभी इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर, कभी लोन ऑफर तो कभी केवाईसी अपडेट का डर दिखाकर लोगों को ठगा जाता रहा है। आम यूजर के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि सामने से आने वाली कॉल असली है या फ्रॉड। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए TRAI ने बड़ा कदम उठाया है। TRAI के नए नियम के तहत अब इंश्योरेंस कंपनियों और अन्य सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों से सेवा और लेन-देन से जुड़ी कॉल्स करने के लिए एक तय और खास नंबर सीरीज का इस्तेमाल करना होगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि जैसे ही फोन बजेगा, नंबर देखकर ही यूजर को अंदाजा हो जाएगा कि कॉल असली कंपनी की है या किसी ठग की। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि मानसिक तनाव और ठगी का खतरा भी कम होगा।
कैसे काम करेगा खास नंबर सीरीज का सिस्टम
TRAI के नए नियम के अनुसार, अब हर तरह की सर्विस कॉल्स के लिए अलग-अलग पहचान तय की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, इंश्योरेंस से जुड़ी कॉल्स एक विशेष नंबर सीरीज से आएंगी, जबकि प्रमोशनल कॉल्स किसी और तय फॉर्मेट में होंगी। इससे यूजर को कॉल उठाने से पहले ही यह क्लू मिल जाएगा कि कॉल किस कैटेगरी की है। अगर कोई कॉल तय नंबर सीरीज से नहीं आ रही है और फिर भी खुद को इंश्योरेंस कंपनी या बैंक का प्रतिनिधि बता रही है, तो यूजर तुरंत सतर्क हो सकता है। यह सिस्टम धीरे-धीरे सभी टेलीकॉम नेटवर्क्स पर लागू किया जाएगा ताकि किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए। खास बात यह है कि इस नियम से फर्जी कॉल करने वालों की पहचान आसान हो जाएगी, क्योंकि वे तय नियमों का पालन नहीं कर पाएंगे।
आम ग्राहकों को क्या होंगे सीधे फायदे
इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा आम मोबाइल यूजर्स को मिलेगा। अब उन्हें हर अनजान कॉल को लेकर डरने की जरूरत नहीं होगी। नंबर सीरीज देखकर ही वे तय कर सकेंगे कि कॉल उठानी है या नजरअंदाज करनी है। इससे बुजुर्गों और कम तकनीकी समझ रखने वाले लोगों को खास राहत मिलेगी, जो अक्सर स्कैम कॉल्स का शिकार बन जाते हैं। इसके अलावा, ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा क्योंकि उन्हें पता होगा कि असली कंपनियां तय नियमों के तहत ही कॉल करेंगी। इससे डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं पर लोगों का विश्वास मजबूत होगा। लंबे समय में यह कदम देश में फोन फ्रॉड और साइबर क्राइम पर लगाम लगाने में मददगार साबित हो सकता है।
कंपनियों और टेलीकॉम सेक्टर पर असर
TRAI के इस फैसले से सिर्फ ग्राहक ही नहीं, बल्कि कंपनियों और टेलीकॉम सेक्टर पर भी असर पड़ेगा। अब कंपनियों को अपने कॉलिंग सिस्टम को नए नियमों के अनुसार अपडेट करना होगा। इससे शुरुआत में कुछ तकनीकी बदलाव करने पड़ सकते हैं, लेकिन लंबे समय में इससे ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ेगी। जो कंपनियां नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए भी यह एक बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे नेटवर्क स्तर पर इन नंबर सीरीज को सही तरीके से लागू करें। कुल मिलाकर, यह नियम फोन यूजर्स, कंपनियों और सिस्टम तीनों के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है और आने वाले समय में स्कैम कॉल्स की दुनिया में बड़ी सफाई देखने को मिल सकती है।
