बाहर से पैक होने वाले खाने में कितना होता है कोरोना का संक्रमण? जानें ‘WHO’ की राय

118

चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस विश्व के 180 से अधिक देशों में अपनी पैंठ जमा चुका है। वहीं इस बीमारी से की वजह से अब तक 2 करोड़ से अधिक लोग बुरी तरह से ग्रसित हो चुके हैं, जबकि डेथ का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता चला जा रहा है। बता दें कि विश्व में कोरोना से मरने वालों की संख्या 7,65,000 के नजदीक पहुंच गई है। जो सरकार से लेकर वैज्ञानकों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है। इस महामारी को रोकने के लिए विश्व स्तर तक कठोर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सटीक समाधान इसका निकल नहीं पाया है। हालांकि कई देश इस बात का दावा तो कर रहे हैं, कि हमने कोरोना की वैक्सीन का ईजाद कर लिया है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की जब तक मोहर नहीं लग जाती लोगों को इस पर भरोषा नहीं होगा। हाल ही में रूस ने कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया था, इतना ही नहीं इसका पहला टीका उन्होंने अपनी बेटी को लगाया, जिससे पूरी दुनिया को यकीन हो जाए कि यह वैक्सीन वाकई में लाभदायक है। बहरहाल इस बीच कोरोना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन लोगों से सावधानी बरतने की लगातार अपील कर रहा है।

ये भी पढ़ें:-इन लोगों को नहीं दी जाएगी कोरोना की वैक्सीन, रूस ने सुनाया फरमान

बता दें कि कोरोना वायरस के लक्षण दिन-प्रतिदिन बदलते जा रहे हैं, इससे सावधानी बरतने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में WHO ने बाजार से आने वाले खाने को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। (WHO) ने कहा है कि खाना या फिर खाने के पैकेट से कोरोना वायरस के फैलने के कोई सबूत नहीं मिले हैं. इसलिए

संगठन की अपील है कि लोग खाने से संक्रमित होने को लेकर डरें नहीं। हालांकि सावधानी जरूर बरतें। जैसे की बाहर से कोई पैकलंच ऑर्डर करते हैं तो घर में उस पैकेट को एक बार जरूर वॉश करें ताकि कोई भी संक्रमण खाने में न पहुंचे।

इसी के साथ WHO की महामारी विशेषज्ञ मारिया वैन केरखोवे का कहना है कि चीन की स्टडी में लाखों पैकेट की जांच की गई थी, हालांकि इसमें बहुत ही कम ऐसे मामले थे जो पॉजिटिव आए हैं, इनका आंकड़ा 10 से भी कम है।

वहीं चीन के वैज्ञानिकों का कहना है कि उसके दो शहरों में ब्राजील से आयात किए गए फ्रोजेन चिकन की जब जांच की गई तो वायरस की पुष्टि हुई। इसके अलावा इक्वाडोर से आए खाने के सामान के पैकेट पर भी वायरस मिले। दोनों स्टडी में काफी फर्क दिखाई पड़ता है, हालांकि WHO के मुताबिक गाइडलाइंस का ध्यान रखकर इन चीजों का पालन किया

जाएगा तो बहुत कम ही चांस ऐसे हैं जिससे संक्रमण फैलेगा। हालांकि अभी तक की गई स्टडी द्वारा यह केस सिर्फ चीन में देखा गया है। इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। WHO के इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख माइक रयान ने कहा कि लोग खाने की डिलीवरी या प्रोसेस फूड के पैकेट उपयोग करने से डरें नहीं, लेकिन सावधानी जरूर बरतें।

ये भी पढ़ें:-इन 7 राज्यों में कोरोना का डेडली अटैक, जानें किस स्टेज पर पहुंचा भारत?