युद्ध के संकेत! ताइवान के समर्थन में उतरा अमेरिका, चीन ने फिर भेजे बॉम्बर एयरक्राफ्ट

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चीन के पड़ोसी देश ताइवान की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियों के बीच ड्रैगन की नाराजगी साफ देखी जा सकती है। बीते दिनों की अमेरिकी राजदूत दो दिवसीय दौरे पर ताइवान पहुंचे थे। इस दौरान चीन ने अपने बॉम्बर एयरक्राफ्ट ताइवान सीमा क्षेत्र में भेज दिए। वहीं चीन के ये खतरनाक बॉम्बर एयरक्राफ्ट किसी युद्ध की परिस्थिति का संकेत दे रहे हैं। दरअसल चीन और ताइवान के बीच माहौल इन दिनों गरमाया हुआ है, लगातार ड्रैगन ताइवान को यह धमकी दे रहा है, कि अगर उसके पास कोई एक राजनीतिक वजह होती तो आज ताइवान पर चीन हुकूमत करता। यानि की चीन किसी मौके की तलाश में बैठा हुआ है, कि किसी भी तरह ताइवान पर अपनी हुकूमत जमा सके। बताया जा रहा है कि चीन की यह नाराजगी अमेरिका से ताइवान को सपोर्ट मिलने के बाद बढ़ी है। हालांकि चीन ने अमेरिका को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह आग से खेलेगा, तो जल जाएगा। बहरहाल चीन ने तीसरे दिन भी लगातार ताइवानी एयरस्पेस में अपने 19 लड़ाकू विमानों को भेजा है।

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ताइवान से बढ़ते तनाव के बीच चीन पिछले कई दिनों से लाइव फायर एक्सरसाइज कर रहा है। बड़ी संख्या में चीनी सैनिक, बमवर्षक जहाज, रॉकेट लॉन्चर्स और आधुनिक युद्धपोत इस युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि PLA का युद्धाभ्यास एक त्वरित प्रक्रिया है। ताइवान को इससे डर होना चाहिए। यह युद्धाभ्यास ताइवान पर कब्जे का ड्रिल है।

वहीं चीन के इस घुसपैठी बेड़े में 12 जे-16 फाइटर जेट, 2 जे-11 फाइटर जेट, 2 जे-10 फाइटर जेट, 2 एच-6 परमाणु बॉम्बर और एक वाय-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट शामिल था।

हालांकि ताइवान ने भी चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं है, ताइवानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने चीनी जहाजों को खदेड़ने का मिशन भी शुरू कर दिया।

इस मिशन में अमेरिका भी ताइवान के साथ खड़ा है।

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