माउथवॉश के इस्तेमाल से कम होगा कोरोना वायरस का खतरा, स्टडी में हुआ खुलासा

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दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस पर वैज्ञानिक लगातार रिसर्च कर रहे है। जिसमें अब तक कई बड़े खुलासे हो चुके है लेकिन अब एक नई स्टडी सामने आई है। जिसमें कोरोना वायरस के इलाज के बारे में पता चला है। दरअसल रूस में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनने का दावा किया जा चुका है लेकिन इस बीच एक स्टडी में दावा किया गया है कि बाजार में मिलने वाले माउथवॉश से भी कोरोना वायरस के मारा जा सकता है। अगर माउथवॉश से गरारे किए जाए। तो मुंह और गले में मौजूद कोरोना वायरस की संख्या पूरी तरह घट जाती है। जिससे संक्रमित व्यक्ति में कोरोना वायरस कम हो सकता है।

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पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी की Ruhr University Bochum के वैज्ञानिकों ने अन्य रिसर्चर्स के साथ मिलकर एक रिसर्च की है। इस रिसर्च में पता चला है कि माउथवॉश के उपयोग से कोरोना वायरस को मात दी जा सकती है। हालांकि स्टडी में माउथवॉश के जरिए कोरोना वायरस को पूरी तरह खत्म करने का दावा नहीं किया गया है। रिसर्चर के मुताबिक, कोरोना वायरस मरीज के मुंह और गले को सबसे पहले निशाना बनाते है और यही पर वायरस की संख्या सबसे ज्यादा होती है। अगर माउथवॉश का इस्तेमाल किया जाए। तो यहां से कोरोना वायरस खत्म हो सकता है। मुंह और गले से कोरोना वायरस का मात्रा घट जाती है तो कोरोना को हराना काफी आसान हो जाता है।

हालांकि, इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने एक चेतावनी भी दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरोना वायरस का सही ट्रीटमेंट सिर्फ माउथवॉश नहीं है। माउथवॉश से गरारा करने से सिर्फ संक्रमण की मात्रा कम हो सकती है लेकिन मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता।

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