खतरे में पड़ जाएगी डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी?, ड्रैगन इन देशों के साथ मिलकर बना रहा नई रणनीति

200

दुनिया में कोरोना संकट का कहर जारी है, लेकिन इस बीच अमेरिका में इस साल नवंबर महीने में होने जा रहे राष्ट्रपति के चुनाव का बिगुल बज चुका है। हालांकि पहले के मुकाबले चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया गया है। लेकिन चुनाव तो होने ही हैं, चूंकि हर पांच साल में जनता अपना नया उम्मीदवार चुनती है। वहीं इस बीच ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी खतरे में जा सकती है। बताया जा रहा है कि ड्रैगन कई देशों के साथ मिलकर डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता से दूर फेंकना चाहता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार कर रहा है। बता दें कि कोरोना के चलते डोनाल्ड ट्रंप और चीन के बीच के संबंधों में अब खटास पड़ गई है। चूंकि जिस तरीके से चीन ने कोरोना वायरस को तैयार किया है. उससे पूरे अमेरिका में सबसे ज्यादा तबाही मची है, जिस वजह से ट्रंप और चीन का एक दूसरे से 36 का आंकड़ा है। खूफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन नहीं चाहता कि ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनें। इसलिए वह रूस, ईरान के साथ मिलकर नई रणनीति बना रहा है।

ये भी पढ़ें:-यात्रा करते हुए इन बातों का रखें विशेष ध्यान, इस सीट पर हो सकता है कोरोना का खतरा!

अमेरिका के प्रमुख खुफिया अधिकारी और नेशनल काउंटर इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सेंटर के डायरेक्टर विलियम इवानिना ने राष्ट्रपति चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर कई अहम जानकारी शुक्रवार को साझा की है। विलियम ने कहा है कि रूस, चीन और ईरान नवंबर में होने वाले चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नई साजिश रच रहे हैं।

विलियम इवानिना ने कहा है कि चीन नवंबर 2020 के चुनाव में हस्तक्षेप करने के लिए प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और ऐसे राजनेताओं पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है जो चीन के हित का विरोध करते हैं. वहीं, ईरान भी ट्रंप को हराने की मंशा से काम कर रहा है।

विलियम ने खुलासा करते हुए कहा कि रूस ट्रंप के विरोधी उम्मीदवार बिडेन के खिलाफ काम कर रहा है और जो काफी सक्रिय है. लेकिन चीन नहीं चाहता कि ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनें, हालांकि, वह रूस जितना सक्रिय होकर हस्तक्षेप नहीं कर रहा।

ईरान ट्रंप और अमेरिका के खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहा है. ईरान समझता है कि ट्रंप अगर दोबारा जीत जाते हैं तो वे ईरान पर दबाव जारी रखेंगे. इसलिए वह चाहता है कि डोनाल्ड ट्रंप यह चुनाव हार जाएं। किसी और को सत्ता मिल जाए। हालांकि, अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने चुनाव में चीन और रूस के हस्तक्षेप संबंधी बारीकियां शेयर नहीं की है।

बहरहाल चुनाव से पहले चीन की एक और नापाक चाल का पर्दाफाश हो चुका है। अगर ड्रैगन ट्रंप को ऐसा राष्ट्रपति मानता है जिनके अगले कदम को लेकर पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता, तो चीन जरूर सोशल मीडिया पर

उनकी छवि को खराब करने की कोशिश करेगा। हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी खूफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं।

ये भी पढ़ें:-कोरोना वैक्सीन बनाने में अमेरिका-ब्रिटेन से आगे निकला रूस! किया बड़ा दावा