Friday, January 22, 2021
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दिमाग को ही खा जाता है यह अमीबा, अमेरिका में फैल रहा घातक संक्रमण

वाशिंगटन। साल 2020 दुनिया के लिए महामारी के नाम रहा। कोरोना महामारी से अभी लड़ाई खत्म नहीं उससे पहले दूसरी महामारी शुरू हो चुकी है। अमेरिका में कोरोना वायरस संकट के बीच एक नई बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। दिमाग को खा जाने वाले अमीबा से अमेरिका में कई मौतें हुई हैं। इस अमीबा का वैज्ञानिक नाम नेग्लरिया फाउलेरी है। डॉक्टरों से लेकरवैज्ञानिकों तक सभी पता करने में जुटे हैं कि यह कहां से आया है। इस अमीबा का मुख्य स्रोत अभी ज्ञात नहीं हो सका है। फिलहाल नेग्लरिया फाउलेरी अमीबा अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में फैल रहा है। जलवायु परिवर्तन इसके संक्रमण की मुख्य वजह बताई जा रही है। नेग्लरिया फाउलेरी नामक यह घातक अमीबा मस्तिष्क को खा जाता है। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के मुताबिक यह बीमारी अब उत्तरी अमेरिका के राज्यों में भी फैलना शुरू हो गई है। वैज्ञानिकों ने इसके लिए चेतावनी भी जारी की है। इससे बचने का कोई निष्चित उपाय अभी नहीं बताया गया है। ज्ञात हो कि नेग्लरिया फाउलेरी अमीबा पानी से जुड़ा है और पानी हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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पानी से बचना सम्भव नहीं है। दिमाग को खा जाने वाला यह अमीबा यानी नेग्लरिया फाउलेरी आम तौर पर झीलों, नदियों और गर्म झरनों और मिट्टी जैसे गर्म ताजे पानी में पाया जाता है। यह एक एकल कोशिका जीवित जीव है। इसके संक्रमण की बीमारी बेहद घातक होती है। इससे मौत निश्चित मानी जाती है। नेग्लेरिया फाउलेरी के संक्रमण के मुख्य लक्षणों में गंभीर सिरदर्द, बुखार और उल्टी शामिल है।

इसके अलावा गर्दन कड़ी होना, दौरे पड़ना, मानसिक बीमारी और कोमा में चले जाना शामिल है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सही समय पर नेग्लेरिया फाउलेरी के संक्रमण की बीमारी का पता चल जाने पर संक्रमित की जान बचाई जा सकती है। डाॅक्टरों के लिए चुनौती है कि सही समय पर इसके संक्रमण का पता चल सके।

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