NASA: पृथ्वी के पास से गुजरेंगे कई सारे Asteroid, जानें क्या पड़ेगा इसका प्रभाव

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है, इसमें एक बड़े आकार का क्षुद्रग्रह देखा जा रहा है। वहीं अफवाह है कि पृथ्वी के पास से गुजरने वाला यह क्षुद्रग्रह जन-जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पहले भी कई तरह की खबरें (Asteroid) को लेकर सामने आती रही हैं। लेकिन इस बीच हम आपको बता दें कि यूं तो हर महीने कुछ क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से होकर गुजरते हैं। ऐसा नहीं है कि वह खतरनाक नहीं होते, अकसर इन क्षुद्रग्रहों का तात्पर्य पृथ्वी के खगोलीय पिंड से जुड़ा होता है। नासा सहित दुनिया भर के खगोलविदों की इन क्षुद्रग्रहों पर नजर रहती हैं। लेकिन इस बार यह (Asteroid) सितंबर के पहले ही सप्ताह में पृथ्वी की सतह पर आने से चर्चा में बना हुआ है।वैज्ञानिकों की मानें तो यह (Asteroid) एक मिस्र (Egypt) के पिरामिड (Pyramid) के आकार से भी बहुत बड़ा है।

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चलिए जानते हैं पृथ्वी की तरफ आ रहे इस (Asteroid) को लेकर वैज्ञानिकों की क्या राय है, क्या यह किसी को नुकसान पहुंचा सकता है?. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सप्ताह गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से कोई भी पृथ्वी को नुकसान पहुंचाने वालों में से नहीं है. लेकिन फिर भी खगोलविद इन पर निगाहें जमाएं हैं और ये अपने आप में अहम भी हैं।

बताया जा रहा है कि यह पृथ्वी के पास से 14 किलोमीटर प्रति सेकंड रफ्तार से गुजरेगा। वजो उच्च पराध्वनिक (High Spersonic) गति से भी अधिक है। नासा ने इसे नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) की क्लास का क्षुद्रग्रह बताया है. ऐसे पिंड वे धूमकेतु या क्षुद्रग्रह होते हैं जो हमारे सूर्य से 1.3 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट (AU) की दूरी के अंदर आ सकते हैं।

नासा के मुताबिक नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) शब्द उन पिंडों के लिए जो ग्रहों के आसपास आकर उनके गुरुत्वाकर्षण बल से प्रभावित हो जाते हैं और उन ग्रहों की कक्षा के अंदर तक चले जाते हैं. इस लिहाज से आमतौर पर केवल धूमकेतु

और क्षुद्रग्रह ही इसकी श्रेणी में आते हैं। आमतौर पर क्षुद्रग्रहों से पृथ्वी से कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन सौरमंडल के ग्रहों और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल इन्हें प्रभावित कर सकता है।

बताया जा रहा है कि यह (Asteroid) पृथ्वी के पास से 6 सितंबर को गुजरेगा. जिसका आकार 120 से 270 के व्यास का बताया गया है. नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक यह क्षुद्रग्रह मिस्र के गीजा पिरामिड के आकार से दो गुना ज्यादा है. लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है।

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