विश्व युद्ध की दस्तक! आपस में भिड़े ये 4 देश, कई दिनों से चल रही है खूनी जंग

181
World War

महामारी (Epidemic) के बीच विश्व युद्ध (world War) ने दस्तक दे दी है. इन दिनों 4 पड़ोसी देश आपस में भिड़ चुके हैं. ऐसे में विश्व युद्ध (World War) का संकट और भी देशों पर मंडराने लगा है. इस समय इस युद्ध के सबसे करीब रूस (Russia) देखा जा रहा है, जहां पर अर्मेनिया और अजरबैजान (Armenia Azerbaijan between Clash) जमीन के लिए एक दूसरे के साथ खूनी खेल खेल रहे हैं. इस समय दोनों देशों के बीच मिसाइल से लेकर तोप, टैंक से लगातार संघर्ष किया जा रहा है. हैरानी वाली बात तो ये है कि मुस्लिम बहुल देश अजरबैजान (Azerbaijan ) ने अर्मेनिया (Armenia) पर अब ड्रोन से अटैक करने की शुरूआत कर दी है.

ये भी पढ़ें:- चीन को चौतरफा घेरने की तैयारी, भारत के साथ आया ऑस्ट्रेलिया, आज से करेंगे युद्धाभ्यास

कई और देशों में युद्ध होने की बढ़ी संभावना
दरअसल अर्मेनिया और अजरबैजान ने तो सीधे एक-दूसरे पर हमला बोल दिया है और युद्ध की शुरूआत भी हो चुकी है. लेकिन इनकी वजह से दुनिया के और भी कई देशों पर इसका असर पड़ रहा है. इस समय भारत-चीन (India China Standoff) के बीच सीमा विवाद लगातार बढ़ रहा है, दोनों देश इस मामले पर आमने-सामने हैं. इसी बीच सऊदी अरब और ईरान (Saudi Arabia- Iran) के बीच भी तनातनी तेज हो गई है. तो वहीं दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि इस संघर्ष के बीच पाकिस्तान (Pakistan) और तुर्की (Turkey ) के षड्यंत्र के खिलाफ रूस (Russia) कठोर कदम उठा सकता है. इतना ही नहीं भारत के साथ चीन की ताइवान (China Taiwan) से भी खिंचातनी पहले से ज्यादा बढ़ गई है.

चीन का खेल बदल सकता है पासा, बढ़ सकती है टेंशन
बताया जा रहा है कि, सऊदी अरब ने हाल ही में ईरान के 10 आतंकियों को अपनी गिरफ्त में लिया है. इसलिए संभावना जताई जा रही है कि दोनों देश आपस में युद्ध करने की घोषणा कर सकते हैं. इस बीच भारत के खिलाफ लगातार सीमा को लेकर गलत बयान देकर चीन भी उकसाने का काम कर रहा है. यही कारण है कि दोनों देशों के बीच लद्दाख में सीमा को लेकर हालात गंभीर बने हुए हैं.

अर्मेनिया पर हमला करने के लिए ड्रोन का प्रयोग कर रहा है अजरबैजान
फिलहाल अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच चल रहे खतरनाक युद्ध में रूस और तुर्की के भी कूदने की आशंका जताई जा रही है. क्योंकि हाल ही में तुर्की की ओर से ऐलान करते हुए कहा गया है कि वो अजरबैजान के साथ है. तो वहीं दूसरी तरफ ये खतरा बढ़ रहा है कि रूस अर्मेनिया का साथ देते हुए कभी भी अजरबैजान पर वार कर सकता सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रविवार से ही नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) पहाड़ी वाले क्षेत्र को लेकर दोनों देश आपस में युद्ध कर रहे हैं. अर्मेनिया की ओर से किए गए मिसाइल हमले में जहां अजरबैजान को कई टैंकों का नुकसान झेलना पड़ा है तो वहीं अजरबैजान ने पलटवार करते हुए अर्मेनिया को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाने का दावा ठोका है. यहां तक कि अजरबैजान इस बात का दावा कर रहा है कि उसने अर्मेनिया के खिलाफ ड्रोन युद्ध शुरू कर दिया है.

दोनों देशों के सपोर्ट में उतरे अलग-अलग देश
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अजरबैजान अर्मेनिया के खिलाफ उन्हीं टैंको और ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे उसने तुर्की से खरीदा था. बता दें कि अजरबैजान ने तुर्की से बायरक्तार TB2 नाम का ड्रोन खरीदा था. इसकी खासियत ये है कि ये ड्रोन मध्यम ऊंचाई पर उड़ते हुए लंबी दूरी तक हमला करने की ताकत रखता है. हालांकि इस संघर्ष में केवल दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ ड्रोन ही नहीं बल्कि तोप, टैंक, रॉकेट और फाइटर जेट का भी जमकर प्रयोग कर रहे हैं. अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच शुरू हुआ ये खूनी खेल धीरे-धीरे एक बड़े युद्ध की ओर इशारा कर रहा है. क्योंकि दोनों देशों के सपोर्ट में अलग-अलग देश उतर आए हैं. कोई अर्मेनिया के समर्थन में बोल रहा है तो कोई अजरबैजान के सपोर्ट में बोल रहा है. ऐसे में हालात को देखते हुए दोनों देशों के इस युद्ध को विश्वयुद्ध में तब्दील होने का संकट अब और भी ज्यादा तेज हो गया है. फिलहाल आगे क्या होने वाला है इस पर कुछ भी कहना मुश्किल है लेकिन इन दोनों देशों के बीच शुरू हुआ खूनी संघर्ष कई देशों को तबाह करने की तरफ इशारा कर रहा है.

ये भी पढ़ें:- युद्ध के संकेत! ताइवान के समर्थन में उतरा अमेरिका, चीन ने फिर भेजे बॉम्बर एयरक्राफ्ट