बाजार में आने से पहले ही फेल हुई रूस की कोरोना वैक्सीन, ये है 6 बड़े कारण

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रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ऐलान किया है कि उनके देश ने कोरोना वायरस की वैक्सीन को बना लिया। इतना ही नहीं, पुतिन के मुताबिक इस कोरोना वैक्सीन को स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद अब इस टीके को सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिया जाएग और फिर बुजुर्गों को दिया जाएगा। यहां तक कि सिंतबर महीने में रूस इस वैक्सीन का उत्पादन भी शुरू कर देगा। लेकिन आज इस रूस की कोरोना वैक्सीन पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। विश्व स्वास्थ्य संगठन तक रूस की कोरोना वैक्सीन पर ठीक से भरोसा नहीं कर पा रहा है। जिस वजह से माना जा रहा है कि बाजार में आने से पहले ही ये वैक्सीन फेल हो जाएगी। जिसकी 6 वजह आपको बताते है।

1- रूस ने अब तक कोरोना वायरस से जुड़ी अपनी कोई भी जानकारी दुनिया के सामने सार्वजनिक नहीं की है। जिस वजह से इस वैक्सीन पर दुनिया के तमाम देश विश्वास नहीं कर रहे है। अमेरिका और ब्रिटेन ने अब तक अपने देश में बन रही कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सारी जानकारी तमाम देशों को दी है। इस दौरान इन दोनों देशों ने बताया कि वैक्सीन का ट्रायल कब शुरू हुआ और कितने वक्त में ये ट्रायल खत्म हो जाएगा? लेकिन रूस ने अपनी कोरोना वैक्सीन की कोई भी जानकारी नहीं दी है।

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2- हर वैक्सीन के तीसरा फेस का ट्रायल काफी जरूरी माना जाता है। इस ट्रायल से पता चलता है कि इस वैक्सीन का कितना असर बीमारी पर होगा और क्या साइड इफेक्ट होंगे। लेकिन रूस की कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल अब तक पूरा नहीं हुआ। लेकिन फिर भी रूस ने अपनी इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। हैरानी की बात ये है कि वैक्सीन तैयार करने वाली संस्था Gamaleya Institute ने बड़े पैमाने पर वैक्सीन का नियंत्रित ट्रायल नहीं किया है। जिससे इस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता है।

3- न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, माना जा रहा है कि रूस की कोरोना वैक्सीन राजनीति या प्रोपेगेंडा के मकसद से बनाई गई है। इसी वजह से रूस ने इतनी जल्दी में कोरोना वैक्सीन का ऐलान किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में रूस मे बन रही कोरोना वैक्सीन के लिए चेतावनी दी थी। इस दौरान WHO ने कहा था कि रूस को टेस्टिंग के परंपरागत तरीकों को छोड़कर वैक्सीन तैयार नहीं करनी चाहिए। इसके बुरे परिणाम हो सकते है लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि वैक्सीन स्थिर रुप से इम्यूनिटी डेवलप करती है और पूरी तरह से प्रभावशाली है। पुतिन ने कहा था कि मैं अपनी बात को दोहराना चाहता हूं कि ये कोरोना वैक्सीन पूरी तरह ठीक है और जरूरी ट्रायल से गुजर चुकी है।

4- दुनिया भर के देश कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे है। ऐसे में WHO की तरफ से एक लिस्ट तैयार की गई है। जिसमें उन देशों के नाम शामिल है। जहां पर वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है लेकिन अब तक इस लिस्ट में रूस का नाम शामिल नहीं है। यानी रूस की इस वैक्सीन पर WHO को भी भरोसा नहीं है और न ही रूस ने तरफ से WHO को वैक्सीन की जानकारी दी गई है।

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5- न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक पिछले हफ्ते रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय को वैक्सीन के इंसानी ट्रायल और किसी संभावित साइड इफेक्ट और रिसर्च वगैरह को लेकर विस्तृत सवाल भेजे थे लेकिन अब तक मंत्रालय की तरफ से कोई भी जवाब नहीं आया।

6- WHO की तरह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की सरकार ने रूस पर कई आरोप लगा है और रूस की वैक्सीन को विश्वसनीय नहीं बताया है। इन तीनों देशों ने दावा किया है रूसी सरकार से जुड़े हैकर्स वैक्सीन रिसर्च की जानकारी चोरी करने में लगे है।