नई दिल्ली। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने मंगलवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में कोरोना का एक मामला सामने आते ही पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने बीते फरवरी के बाद से कोविड-19 के पहले कम्युनिटी केस की रिपोर्ट होने के बाद देश में तीन दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है, यह कोरोना का केस ऑकलैंड में मिला है। इसके बाद आज आधी रात से देश में लॉकडाउन लागू रहेगा।

पीएम अर्डर्न ने वेलिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा की। संवाददाता सम्मेलन में जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि ऑकलैंड में पूरे सात दिन का लॉकडाउन रहेगा। वहीं बाकी शहरों में लॉकडाउन तीन दिन का होगा, जो आज रात से  लागू हो जाएगा। उन्होंने सभी को घर से काम करने की सलाह दी है। लॉकडाउन के दौरान सभी स्कूल व कॉलेज भी बंद रहेंगे।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण

न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने बताया कि ऑकलैंड में मिले एक संक्रमित में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण हैं। हालांकि,अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। दुनिया के मुकाबले न्यूजीलैंड ने कोरोना के खिलाफ बेहतर लड़ाई लड़ी है। कोरोना संक्रमित मरीजों व मृतकों की संख्या दुनिया के मुकाबले यहां बेहद कम है। दरअसल, कोरोना की शुरुआत होते ही न्यूजीलैंड ने अपने देश की सभी सीमाओं को सील कर दिया था। वहीं जीनोम सीक्वेंसिंग की मदद से यहां पर कोरोना को बेहतर तरीके से काबू किया गया था।

न्यूजीलैंड ऐसा देश है जहां सबसे पहले लॉकडाउन खोला गया था।  एक्सपर्ट के अनुसार कोविड में लगातार म्यूटेशन होता है और वह बदलता रहता है। जीनोम सीक्वेंसिंग की मदद से हम कोरोना का म्यूटेशन जानने के लिए इसका फैमली ट्री बनाते हैं। इससे उसके आधार पर जाकर उसमें हाने वाले बदलावों के अनुरूप ही वैक्सीनेशन किया जाता है। भले ही न्यूजीलैंड कोरोना का एक मामला सामने आते ही सचेत हो गया हो, लेकिन वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार बड़ा खतरा साबित हो सकती है।

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