faij hanid

दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के साथ ही सरकार बनने के बाद दुनिया के कई देशों की विदेश नीति बदल रही है। पाकिस्तान के आईएसआई प्रमुख फैज हमीद ने शनिवार को रूस, चीन, ईरान और ताजिकिस्तान के खुफिया प्रमुखों से मुलाकात की है। इस दौरान इन सबने अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद दुनिया के बदलते ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ पर चर्चा की। सभी ने तालिबान के वर्तमान और भविष्य की चुनौतियांे पर अपना पक्ष रखा। ज्ञात हो कि हाल के दिनों में पाकिस्तान के साथ-साथ चीन ने भी खुले तौर पर तालिबान का समर्थन किया है। पाकिस्तान ने इन देशों के खुफिया प्रतिनिधियों को अफगानिस्तान की नई सरकार के बारे में जानकारी दी है।

तालिबान के पक्ष में पाकिस्तान खड़ा रहा। साथ ही बताया कि नई सरकार में किन संगठनों और देशों की भूमिका है। हमीद इससे पहले सरकार गठन को लेकर काबुल भी गए थे। माना जा रहा था कि हमीद सरकार बनवाने में भी अपनी भूमिका अदा कर कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन सबको उन्होंने अपने उस दौरे के बारे में भी जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा उन्होंने उनसे ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने में पिछली अफगानिस्तान सरकारों के साथ भारत द्वारा निभाई गई भूमिका’ के बारे में भी बात की।

पाकिस्तान का ‘तालिबान प्रेम’

बताया जा रहा है कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान अब अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करना चाहता है। पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान के लिए अपनी आर्थिक योजनाओं की घोषणा की है। तालिबान के साथ पाकिस्तानी रुपये में द्विपक्षीय व्यापार करने का फैसला किया। इससे पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तालिबान का द्विपक्षीय व्यापार अमेरिकी डॉलर में था और अफगान मुद्रा ज्यादा मजबूत थी। इस कदम से पाकिस्तान की मुद्रा का अफगान व्यापारियों और व्यापारिक समुदाय पर कब्जा हो जाएगा।

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